लालकुआं: रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला; ढलान पर 150 मीटर तक बिना इंजन दौड़ा गार्ड डिब्बा, पटरी से उतरकर रुका

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नैनीताल जिले के लालकुआं रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। पिट लाइन में मरम्मत के दौरान एक जनरेटर सह गार्ड डिब्बा (Generator and Guard Van) बिना इंजन के पटरी पर करीब 150 मीटर तक दौड़ पड़ा, जिससे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया।

यहाँ इस घटना का विस्तृत विवरण दिया गया है:

लालकुआं (4 अप्रैल 2026): लालकुआं रेलवे स्टेशन की पिट लाइन पर शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे एक अप्रत्याशित घटना घटी। मरम्मत कार्य के दौरान एक कोच अचानक ढलान की ओर लुढ़कने लगा, जिसने रेल कर्मियों के पसीने छुड़ा दिए।

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1. घटना का क्रम: अफरा-तफरी का माहौल

  • समय: सुबह लगभग 8:30 बजे।

  • कार्य: पिट लाइन में तकनीकी कर्मचारी एक ट्रेन के पीछे लगने वाले ‘जनरेटर एंड गार्ड डिब्बे’ की मरम्मत कर रहे थे।

  • हादसा: मरम्मत के दौरान अचानक कोच ने पीछे की ओर खिसकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते डिब्बा ढलान की वजह से रनिंग रूम की ओर करीब 150 मीटर तक अपने आप चलने लगा।

2. रोकने की नाकाम कोशिशें

  • पीछे भागे रेलकर्मी: डिब्बे को खुद-ब-खुद चलते देख मौके पर मौजूद कर्मचारी उसके पीछे दौड़े।

  • गुटका लगाने का प्रयास: कर्मचारियों ने कोच के पहियों के नीचे लकड़ी के गुटके (Chocks) लगाकर उसे रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन रफ्तार और ढलान के कारण कोच अनियंत्रित होकर आगे बढ़ता रहा।

  • डिरेलमेंट: आखिरकार लगभग 150 मीटर की दूरी तय करने के बाद, टर्नआउट (पॉइंट) के पास कोच पटरी से नीचे उतर गया, जिससे वह रुक सका।

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3. बड़ी दुर्घटना टली

प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों का मानना है कि सौभाग्य से कोच किसी सक्रिय (Main Line) पटरी की ओर नहीं गया। यदि डिब्बे की रफ्तार अधिक होती या वह किसी खड़ी ट्रेन या सक्रिय लाइन से टकरा जाता, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

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4. 4 घंटे की मशक्कत के बाद राहत

घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ रेल अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुँची। लगभग 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जैक और अन्य उपकरणों की मदद से कोच को दोबारा पटरी पर चढ़ाया गया। इस दौरान रेलवे परिसर में कौतूहल और डर का माहौल बना रहा।

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