केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद खिली धूप; 18.70 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन, 11 नवंबर को बंद होंगे कपाट

खबर शेयर करें -
रुद्रप्रयाग। प्रसिद्ध एकादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री केदारनाथ धाम में लगातार दो दिनों तक हुई बर्फबारी के बाद शनिवार को मौसम पूरी तरह साफ हो गया। आसमान से बादल छंटते ही धाम में सुहावनी धूप खिल उठी, जिससे बर्फ की सफेद चादर ओढ़े केदारनाथ की पर्वत श्रृंखलाएं और आसपास का दृश्य अलौकिक व मनमोहक नजर आ रहा है। मौसम में सुधार होते ही श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु हो गई है और यात्रा के अंतिम पड़ाव में भी बाबा केदार के भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

बर्फ से ढकी वादियों के बीच उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मौसम साफ होने के बाद शनिवार सुबह से ही पैदल मार्ग, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्री केदारनाथ पहुंचे। इस वर्ष 2026 की केदारनाथ यात्रा में अब तक 18 लाख 70 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। धाम में बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है, लेकिन कड़ाके की ठंड के बावजूद देश के कोने-कोने से पहुंचे यात्री पूरे अगाध श्रद्धा भाव से बाबा के दरबार में मत्था टेक रहे हैं।

स्वास्थ्य व सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

धाम में लगातार गिरते तापमान और बढ़ती ठंड को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा यात्रियों के ठहरने, खानपान, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन यात्रा मार्ग से लेकर मुख्य मंदिर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए हैं।
मामले की जानकारी देते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया:
“केदारनाथ धाम में बीते दो दिनों की बर्फबारी के बाद शनिवार को मौसम साफ रहा। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभागों को पुख्ता व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों से अपील है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें और पर्याप्त गर्म कपड़े व आवश्यक दवाएं साथ रखें।”

11 नवंबर को भैयादूज पर प्रातः 8:30 बजे बंद होंगे कपाट

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 की केदारनाथ धाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट आगामी 11 नवंबर 2026 को भैयादूज के पावन पर्व पर प्रातः 8:30 बजे शीतकाल के लिए विधि-विधान पूर्वक बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की तिथि समीप आते ही श्रद्धालु बर्फबारी से ढके धाम के विहंगम दृश्य और बाबा केदार के अलौकिक दर्शन की स्मृतियों को अपने कैमरों और दिलों में संजोकर लौट रहे हैं।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 हमारे फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़ें

यह भी पढ़ें 👉  19 गवाहों की गवाही भी नहीं दिला सकी सजा, हत्या के मुकदमे में बहू मानसी दोषमुक्त