गदरपुर भैंस चोरी मामले में बढ़ा आक्रोश: ₹75 हजार की बरामदगी से असंतुष्ट सैकड़ों ग्रामीणों ने घेरा SSP दफ्तर; बाजपुर CO को सौंपी गई जांच
रुद्रपुर/गदरपुर: ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर अंतर्गत बमनपुरी गांव में हुई भैंस चोरी की वारदात ने अब बड़ा तूल पकड़ लिया है। पुलिस द्वारा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹75 हजार की नकदी और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किए जाने के बावजूद पीड़ित परिवार और ग्रामीण इस कार्रवाई से कतई संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी लाखों रुपये की कीमती भैंसों को औने-पौने दामों में बेच दिया गया और पुलिस ने मामले को पूरी तरह रफा-दफा करने की कोशिश की है। इसी बात से भड़के सैकड़ों ग्रामीणों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने पूरे प्रकरण की कमान क्षेत्राधिकारी (CO) बाजपुर प्रशांत कुमार को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और त्वरित समाधान का ठोस आश्वासन दिया है।
आंगन से चोरी हुई थीं 3 भैंसें, मुरादाबाद के बाजार में बेचने का हुआ खुलासा
मामले के अनुसार, गदरपुर के बमनपुरी गांव निवासी राजेंद्र सिंह के घर के आंगन से बीती 16 मई 2026 को तीन भैंसें संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी हो गई थीं। पीड़ित की तहरीर पर गदरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। एसएसपी के कड़े निर्देश पर गदरपुर पुलिस और एसओजी (SOG) काशीपुर की संयुक्त टीम ने मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए तफ्तीश शुरू की।
विगत 21 मई की रात रामपुर बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन (संख्या UP 25 GT 5930) को रोका। वाहन में सवार दो आरोपियों—साईन खान और छुन्नन ने कड़ाई से हुई पूछताछ में बमनपुरी से भैंस चोरी करने का जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था और अगली ही सुबह चोरी की तीनों भैंसों को मुरादाबाद के जयंतीपुर बाजार में ले जाकर ₹95 हजार में बेच डाला था।
पुलिस ने बरामद किए ₹75 हजार, ग्रामीणों का दावा—भैंसें थीं ₹3.50 लाख की
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भैंस बेचकर मिली रकम में से ₹75 हजार रुपये की नकदी, वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक कुल्हाड़ी, दो चाकू, रस्सियां, घंटियां, मोबाइल फोन और पिकअप गाड़ी को सीज कर दोनों को जेल भेज दिया।
यहीं से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। एसएसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि पकड़े गए आरोपियों से उन्हें उम्मीद थी कि उनकी भैंसें सकुशल वापस मिल जाएंगी या फिर उनकी पूरी कीमत दिलाई जाएगी। राजेंद्र सिंह और ग्रामीणों का दावा है कि चोरी गई तीनों दुधारू भैंसों की वास्तविक बाजार कीमत करीब ₹3 लाख से ₹3.50 लाख के बीच थी। ऐसे में पुलिस द्वारा सिर्फ ₹75 हजार की बरामदगी दिखाना और भैंसों को वापस न ला पाना पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है। ग्रामीणों ने मांग की कि उन्हें उनकी पूरी आर्थिक क्षति का मुआवजा दिलाया जाए और गिरोह के बाकी सदस्यों को भी बेनकाब किया जाए।
निष्पक्ष जांच के लिए सीओ बाजपुर प्रशांत कुमार को कमान: SSP अजय गणपति
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने एसएसपी दफ्तर में जुटे बमनपुरी के ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की पूरी पीड़ा को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
एसएसपी ने मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के असंतोष को देखते हुए तत्काल आदेश जारी कर पूरे मामले की अग्रिम विवेचना और जांच सीओ बाजपुर प्रशांत कुमार की सीधी निगरानी में सौंप दी है। एसएसपी अजय गणपति ने गदरपुर पुलिस को भी निर्देशित किया है कि वे मुरादाबाद के उस बाजार और खरीदारों तक पहुंचें जहां भैंसें बेची गई हैं, ताकि मामले के हर पहलू को साफ किया जा सके और ग्रामीणों को उनकी क्षति का उचित विधिक न्याय मिल सके। इस आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत होकर वापस लौटे।
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