लालकुआं में नए युग की शुरुआत: सेंचुरी पेपर मिल अब बनी ‘ITC’, 41 साल बाद बदला मालिकाना हक; कर्मचारियों को मिला नया दायित्व

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लालकुआं (नैनीताल)। पिछले चार दशकों से अधिक समय से लालकुआं क्षेत्र की औद्योगिक पहचान, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र रही ‘सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल’ अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। शुक्रवार से इस विशाल औद्योगिक इकाई का स्वामित्व और संचालन आधिकारिक रूप से ‘आईटीसी लिमिटेड’ (ITC Limited) के अधीन हो गया है। मिल के सभी अधिकारियों, नियमित कर्मचारियों, स्टाफ और ठेका कर्मियों से स्थानांतरण संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस बदलाव का स्वागत करने के लिए कंपनी द्वारा भोजनालय में विशेष भोज का आयोजन किया गया, जहां नए प्रबंधन के अधिकारियों ने कर्मचारियों को नए प्रारूप में शामिल होने पर शुभकामनाएं और पारितोषिक दिए।

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नारायण दत्त तिवारी के प्रयासों से 1984 में हुई थी स्थापना

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी के विशेष प्रयासों से वर्ष 1984 में स्थापित यह मिल आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख इकाइयों में से एक थी। पिछले 41 वर्षों में इस मिल ने लालकुआं को देश के कागज उद्योग में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। वर्तमान में इस मिल में लगभग 8,000 अधिकारी, कर्मचारी और ठेका कर्मी कार्यरत हैं। लालकुआं शहर, बिंदुखत्ता और घोड़ानाला समेत आसपास के हजारों परिवारों का जीवन प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस इकाई से जुड़ा हुआ है।

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नए प्रबंधन से क्षेत्रवासियों को बड़ी उम्मीदें

सेंचुरी मिल के साथ लालकुआं और आसपास के ग्रामीण इलाकों की कई खट्टी-मीठी यादें जुड़ी रही हैं। चूंकि यह फैक्ट्री क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है, इसलिए स्थानीय निवासियों और श्रमिकों की इससे हमेशा बड़ी अपेक्षाएं रही हैं। मालिकाना हक बदलने के बाद अब क्षेत्र के सैकड़ों परिवार आईटीसी प्रबंधन से भी रोजगार की सुरक्षा, आधुनिक विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के कार्यों को लेकर नई उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

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