बिन्दुखत्ता : लो वाेल्टेज के कारण ग्रामीणों को परेशानी, बिजली विभाग से निराशा तो धूमिल होती प्रतिनिधियों से उम्मीद
इंद्रानगर 2 वह काररोड सहित कई क्षेत्र लो वोल्टेज की समस्या से परेशान
बिंदुखत्ता में विद्युतीकरण को लेकर 16 वर्ष पूर्व लगाई गई रोक हटे अब 7 माह से अधिक हो चुके हैं। विद्युत विभाग के प्रबंध निदेशक ने बिंदुखत्ता क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य कराने का आदेश भी जारी कर दिया था, क्षेत्र में चारों तरफ खुशी की लहर थी। ग्रामीणों की उम्मीदों में पंख लग गए थे। उन्हें विद्युत से जुड़ी हर समस्या का समाधान हल होते हुए नजर आ रहा था

लेकिन गर्मी आते आते कम वोल्टेज के चलते बिन्दुखत्ता के ग्रामीण परेशानी का सामना कर रहे हैं। गर्मी के चलते बिजली के उपयोग की मात्रा बढ़ गई है। ऐसे में दिनभर बिजली का लोड बढ़ते ही वॉल्टेज की समस्या होने लगती है।
बिन्दुखत्ता ग्राम पर लो वोल्टेज विद्युत आपूर्ति ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गांव के कई ऐसे क्षेत्र है, जो इस संकट से जूझ रहे है। हालत यह है कि बिजली आपूर्ति रहने के दौरान भी उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। इससे न सिर्फ घरेलू उपभोक्ता जूझ रहे हैं, वरन विभिन्न प्रतिष्ठानों पर भी गतिरोध उत्पन्न हो रहा है।
एक ओर जहां भारी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। वहीं दूसरी ओर लो वोल्टेज के कारण कूलर पंखे शो पीस मात्र बनकर रह गए हैं। मोटर आदि न चल पाने के कारण पेयजल का संकट अलग से गहरा रहा है। रिकॉर्ड विद्युत कटौती व व्यवधान के बीच लो वोल्टेज का संकट उपभोक्ताओं को दोहरी चोट पहुंचा रहा है। उपभोक्ताओं ने लगातार कटौती व लो वोल्टेज की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
बिन्दुखत्ता के इंद्रानगर 2 निवासी भवान काला, प्रकाश त्रिपाठी, मनोज भंडारी, कांग्रेसी नेता शिवराज सिंह बिष्ट, बिन्दुखत्ता ब्लाक अध्यक्ष पुष्कर दानु, डॉ पंकज शर्मा, किशन बिष्ट, समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि हर साल गर्मी आते ही वोल्टेज की भारी समस्या से जूझना पड़ता है, वही समस्या के निवारण के लिए जब बिजली विभाग या क्षेत्रीय विधायक से समस्या का समाधान करने के लिए कहा जाता है तो वर्तमान व पूर्व में रहे विधायकों द्वारा आश्वासन दिया जाता है कि अगली गर्मी से आपको लो वोल्टेज की समस्या से नहीं गुजरना पड़ेगा।
पर सात महीने पहले जब उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार, और निदेशक संचालन जगदीश प्रसाद ने वर्तमान विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट को पत्र देकर इस बात का प्रमाण दिया कि अब बिंदुखत्ता में स्थायी मीटर लगाए जाने और विद्युतीकरण होने की राह आसान होगी साथ ही जिन क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य छूटा है उसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को भी कहा तो ग्रामीणों में खुशी की लहर के साथ यह उम्मीद भी जगी की शायद इस आने वाली गर्मी तक जिस तरह बिंदुखत्ता क्षेत्र में विधायक जी द्वारा विद्युतीकरण पर लगी रोक हटाने के लिए उनके छह माह का प्रयास सफल रहा उसी प्रकार उनके द्वारा जल्द लो वोल्टेज की समस्या का समाधान निकाले जाने की बात पर भी ग्रामीणों को पूरा विश्वास था की इस गर्मी पूरे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान हो जाएगा
बता दें कि ग्रामीण बिजली विभाग से अपना पूरा विश्वास खो चुके हैं अब अगर उन्हें कोई उम्मीद दिख रही है तो वह सिर्फ क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह बिष्ट पर जाकर रुक गई है, जिस तरह वह पूरी विधानसभा मैं अपनी पैनी नजर बनाए रखते हैं वह हर समस्या का समाधान निकालने में सक्षम नजर आते हैं तो ग्रामीणों का यह विश्वास बेईमाना भी नहीं है।
कम वोल्टेज के चलते बिजली रहने के बाद भी न तो पानी के लिए मोटरें नहीं चल पा रही है और पंखे भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे।उन्हें मोबाइल तक चार्ज करने में दिक्कत हो रही।इससे उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही।
ट्रांसफार्मर लगाने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि घरों में वोल्टेज की समस्या के चलते अधिक पावर के ट्रांसफार्मर की मांग पिछले लंबे समय से की जा रही है, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। जिससे लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
एक तो इतनी गर्मी ऊपर से वोल्टेज इतना कम कि इनवर्टर भी चार्ज नहीं हो पा रहा है, पंखे इस तरह चल रहे हैं जैसे हमें मुंह चिढ़ा रहे हो। दिनभर इस भीषण गर्मी में लो वोल्टेज के कारण अपने प्रतिष्ठान में ही बैठना मुश्किल हो गया है। बिजली विभाग और विधायक जी इस समस्या से अवगत हैं और उम्मीद है जल्द इस समस्या का समाधान निकल आएगा
दीपक जोशी,
प्रतिष्ठित व्यवसाई
काररोड।
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हर साल गर्मी आते-आते लो वोल्टेज की समस्या आम बात हो गई है, दिन भर काम करके घर वापस आने के बाद ना सोने के लिए पर्याप्त पंखे की हवा मिलती है ना पीने के लिए ठंडा पानी, घर आने के बाद जब सोने के लिए पर्याप्त नींद भी नहीं मिलती तो मन करता है कि सब बेच के गांव चले जाएं
बालम त्रिपाठी
इंद्रानगर 2
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