जीजा-साली ने ‘पति-पत्नी’ बनकर लिया था कमरा; इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर लड़कियों को फंसाता था गिरोह

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हरिद्वार (15 मार्च 2026): रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की हृदय विहार कॉलोनी में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTU) ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के तौर-तरीकों और उनके डिजिटल नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं।

1. जीजा-साली की ‘फर्जी’ पहचान

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना इरफान और उसकी साली (जिसका पति से विवाद चल रहा था) करीब दो महीने पहले कॉलोनी में रहने आए थे।

  • धोखाधड़ी: उन्होंने मकान मालिक को गुमराह करने के लिए खुद को पति-पत्नी बताया था।

  • पार्श्वभूमि: आरोपित कलियर और महमूदपुर के रहने वाले हैं और पहले भी पिरान कलियर में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।

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2. डिजिटल नेटवर्क: फोन और इंस्टाग्राम का खेल

यह गिरोह पूरी तरह हाईटेक तरीके से काम कर रहा था:

  • व्हाट्सएप डीलिंग: आरोपित महिला व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को लड़कियों की फोटो भेजकर रेट तय करती थी।

  • सप्लाई नेटवर्क: ग्राहकों को कमरे पर बुलाने के अलावा दिल्ली तक लड़कियों की ‘होम डिलीवरी’ की जाती थी। इस काम के लिए आरोपित महिला की निजी कार का इस्तेमाल होता था।

  • लॉजिस्टिक्स: इरफान का साथी सोफियान लड़कियों को लाने-ले जाने और खाने-पीने की व्यवस्था संभालता था।

3. ब्लैकमेलिंग और शोषण की कहानी

रेस्क्यू की गई शामली (यूपी) की पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, वह रूह कंपा देने वाली है:

  • नौकरी का झांसा: इंस्टाग्राम पर ‘नेहा सिंह’ नाम से फर्जी आईडी बनाकर पीड़िता को अच्छे स्पा सेंटर में नौकरी का लालच दिया गया।

  • अश्लील वीडियो: पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने धोखे से उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए थे।

  • मजबूरी: इन्हीं वीडियो के आधार पर उसे ब्लैकमेल कर जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला गया। ग्राहकों से 1,500 से 2,000 रुपये वसूले जाते थे।

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Snapshot: रानीपुर सेक्स रैकेट प्रोफाइल

विवरण विवरण/जानकारी
क्षेत्र हृदय विहार कॉलोनी, रानीपुर, हरिद्वार
मुख्य आरोपित इरफान, उसकी साली और सोफियान
मोडस ऑपरेंडी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए फंसाना और डीलिंग
पीड़िता शामली निवासी (रेस्क्यू की गई)
नेटवर्क के तार हरिद्वार, पिरान कलियर और दिल्ली
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पुलिस की अगली कार्रवाई

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के निरीक्षक वीरेंद्र चंद्र रमोला ने बताया कि आरोपितों के मोबाइल फोन से कई ‘रूटीन’ ग्राहकों के नंबर मिले हैं। पुलिस अब दिल्ली के उन संपर्कों की तलाश कर रही है जहाँ से लड़कियां मंगवाई जाती थीं। जल्द ही इस मामले में कुछ सफेदपोश नाम भी सामने आने की संभावना है।

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