खटीमा में आंधी-तूफान का तांडव: मझोला हाईवे पर पेड़ व पोल गिरने से 5 घंटे चक्का जाम; डंपर पर गिरा विशाल पेड़, टला बड़ा हादसा

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खटीमा: खटीमा और इसके आसपास के क्षेत्रों में आए भीषण आंधी-तूफान और चक्रवाती हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। तूफान का सबसे ज्यादा असर खटीमा-मझोला हाईवे पर देखने को मिला, जहां कई विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल मुख्य सड़क पर धराशायी हो गए। इसके चलते नेशनल हाईवे करीब पांच घंटे तक पूरी तरह से बंद रहा और मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इस प्राकृतिक आपदा के दौरान हाईवे से गुजर रहे एक डंपर के ऊपर भारी-भरकम पेड़ गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

डंपर के परखच्चे उड़े, बाल-बाल बचे लोग; कई इलाकों में टिन शेड उड़े

स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चक्रवाती तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग संभल पाते, इससे पहले ही तबाही का मंजर शुरू हो गया।

  • बड़ा हादसा टला: तूफान के दौरान हाईवे से गुजर रहे एक डंपर पर अचानक एक विशालकाय पेड़ भरभराकर गिर गया। पेड़ गिरने से डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया, लेकिन चालक और क्लीनर की किस्मत अच्छी थी कि वे इस विधिक हादसे में बाल-बाल बच गए।

  • घरों को नुकसान: तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और दर्जनों घरों के टिन शेड हवा में उड़ गए। इसके अलावा बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से क्षेत्र की पूरी विद्युत व्यवस्था चरमरा गई और कई इलाकों में घंटों तक घोर अंधेरा छाया रहा।

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कटर मशीनों के साथ उतरी वन विभाग की टीम; ग्रामीणों और राहगीरों ने पेश की मिसाल

हाईवे पूरी तरह जाम होने और पोल गिरने की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम कटर मशीनों और आधुनिक उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क से विशाल लकड़ियों और मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया।

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इस संकट की घड़ी में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और वहां फंसे राहगीरों ने भी प्रशासनिक टीम का हौसला बढ़ाया और खुद आगे आकर राहत कार्य में जुट गए। करीब पांच घंटे तक चले इस सामूहिक और विधिक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सड़क से भारी पेड़ों को काटकर, मलबे और बिजली के तारों को हटाकर हाईवे को दोबारा यातायात के लिए सुचारु कराया जा सका। मार्ग खुलने के बाद घंटों से जाम में फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली और वन विभाग व स्थानीय युवाओं की तत्परता की जमकर सराहना की।

क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में जुटा बिजली विभाग; सतर्क रहने की अपील

इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और सतर्कता की विधिक आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है। जहां एक ओर वन विभाग और जनता का आपसी तालमेल मिसाल बना, वहीं दूसरी ओर देर शाम तक विद्युत विभाग के दर्जनों लाइनमैन और अधिकारी टूटे हुए पोलों को बदलने और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों को जोड़ने की विधिक कवायद में जुटे रहे। प्रशासन ने मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और हाईवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और पेड़ों व बिजली की लाइनों के नीचे वाहन न खड़े करने की अपील की है।

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