चढ़ावा चोरी महापाप, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: बद्रीनाथ धाम मामले पर मुख्यमंत्री धामी के तल्ख तेवर, थूक जिहाद और मदरसों पर भी बड़ा बयान

हरिद्वार:
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी के मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तेवर बेहद तल्ख नजर आ रहे हैं। मोरारी बापू की रामकथा के समापन पर हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंदिरों से चढ़ावा चोरी करने के कृत्य की घोर निंदा की। उन्होंने इस घृणित कार्य की तुलना गाय और माता-पिता की हत्या जैसे महापाप से करते हुए स्पष्ट किया कि बद्रीनाथ धाम के पवित्र परिसर में छल-कपट या हेराफेरी करने वाले किसी भी दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
चढ़ावा हेराफेरी पर मुकदमा दर्ज, जांच समिति गठित
मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे पावन और आस्था के केंद्रों पर ऐसी घटनाएं बिल्कुल भी क्षमा योग्य नहीं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रारंभिक जांच प्रारंभ कर दी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने और मंदिरों के प्रबंधन में बड़े बदलाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी कि बेहतर और पारदर्शी प्रबंधन के लिए क्या-क्या ठोस उपाय किए जा सकते हैं।
देवभूमि की अस्मिता से नहीं होगा समझौता: यूसीसी की तारीफ
रामकथा के मंच से देश-विदेश के श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक गरिमा, सांस्कृतिक मर्यादा और इसके मूल स्वरूप की रक्षा करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:
“छल-कपट करने वालों के खिलाफ हमने राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। इसके साथ ही, उत्तराखंड को देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का गौरव मिला है। जिस प्रकार गंगा मैया यहां गंगोत्री से निकलकर पूरे देश को जीवन देती हैं, उसी प्रकार यूसीसी की यह गंगोत्री भी पूरे देश को सुशासन का मार्ग दिखाएगी।”
लैंड, लव और थूक जिहाद पर प्रहार; मदरसा बोर्ड हुआ भंग
मुख्यमंत्री ने राज्य के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि लैंड जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ सरकार लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है ताकि हमारे तीर्थस्थल साफ-सुथरे रहें। इसके साथ ही ‘थूक जिहाद’ जैसी घिनौनी और चुनौतीपूर्ण प्रवृत्तियों को रोकने के लिए भी राज्य में बेहद कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
शिक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर बोलते हुए सीएम धामी ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य के मदरसा बोर्ड को भंग कर दिया गया है। अब प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित सामान्य पाठ्यक्रम ही सभी मदरसों में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि देवभूमि में राष्ट्रविरोधी मानसिकता वाले अलगाववादियों की कोई जगह नहीं है, यहाँ केवल ज्ञान और शिक्षा के पवित्र मंदिर स्थापित होने चाहिए। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए दून विश्वविद्यालय में ‘स्टडीज फॉर हिंदू’ की स्थापना की गई है।
विश्व को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश दे रहा भारत
वैश्विक पटल पर देश की मजबूत स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया हिंसा, आतंकवाद, मिडिल ईस्ट के संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध से जूझ रही है, तब भारत की सनातन संस्कृति विश्व को शांति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का मार्ग दिखा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भारत ने खुद की जरूरत के बावजूद 100 से अधिक देशों को स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध कराकर करोड़ों लोगों की जान बचाई। आज वैश्विक संकट के समय पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी के रुख का इंतजार करती है, जो हर भारतीय के लिए अत्यंत गौरव की बात है।
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