उत्तराखंड में मानसून के तल्ख तेवर: मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेपटरी, 5 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, कैलाश मानसरोवर मार्ग भी रहा बाधित

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देहरादून:

उत्तराखंड में मानसून ने अपने तेवर बेहद तल्ख कर लिए हैं, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक हुई झमाझम बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। विशेषकर कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही वर्षा ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। वहीं, राजधानी देहरादून में भी कई दौर की तेज बारिश के बाद अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।

देहरादून समेत 5 जिलों में आज ‘ऑरेंज अलर्ट’, बिजली चमकने की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को भी प्रदेश भर में बारिश का यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के अति तीव्र दौर पड़ने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, राज्य के शेष अन्य जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज गर्जना की संभावना है।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग साढ़े चार घंटे रहा बंद

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में देखने को मिला। मंगलवार रात को हुई भारी वर्षा के चलते धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग पर एक बड़ी चट्टान दरक कर सड़क पर आ गई। इस भारी मलबे के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बुधवार सुबह करीब 5:00 बजे से लेकर 9:30 बजे तक पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने की वजह से यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को करीब साढ़े चार घंटे तक बीच रास्ते में ही इंतजार करना पड़ा। चूंकि यही मार्ग दारमा और चौंदास घाटियों को भी जोड़ता है, इसलिए इस भूस्खलन से इन घाटियों का संपर्क भी अस्थायी रूप से कट गया।

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20 हजार की आबादी प्रभावित, बंद सड़कों को खोलने में जुटा प्रशासन

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबे के कारण पिथौरागढ़ जिले में फिलहाल 18 ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। सड़कों के बंद होने से क्षेत्र की लगभग 20 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों को दैनिक आवश्यकताओं की चीजों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बंद मार्गों पर जेसीबी और आधुनिक मशीनें तैनात कर दी हैं, और युद्धस्तर पर मलबा हटाकर यातायात को सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।

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