बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को पूर्व कैबिनेट मंत्री दुर्गापाल का पूर्ण समर्थन: कहा- ‘बिंदुखत्तावासियों से पारिवारिक रिश्ता, हक मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’

लालकुआं (नैनीताल)। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने और स्थानीय निवासियों को भूमि का मालिकाना हक दिलाने की मांग को लेकर चल रहे जन-आंदोलन को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश चंद्र दुर्गापाल ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। मीडिया को जारी बयान में पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता की जनता के साथ उनका केवल राजनीतिक संबंध नहीं, बल्कि पारिवारिक और आत्मिक रिश्ता है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता के लोगों ने इस धरती को अपने खून-पसीने से सींचा है, और जब तक क्षेत्र को राजस्व गांव का दर्जा व निवासियों को भूमि का मालिकाना हक नहीं मिल जाता, तब तक वे बिना किसी राजनीतिक लाभ-हानि के इस संघर्ष में जनता के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे।
‘चुनाव में बड़े-बड़े वादे करने वाले सत्ता में बैठकर मौन, युवाओं का भविष्य अधर में लटका’
सत्ताधारी दल पर करारा प्रहार करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दुर्गापाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनावी समय में बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के बड़े-बड़े वादे करने वाले लोग आज सत्ता में बैठकर मौन साधे हुए हैं। बिंदुखत्ता की भोली-भाली जनता को केवल ‘वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल किया गया है। मालिकाना हक न मिलने के कारण आज यहाँ की युवा पीढ़ी का भविष्य और बुनियादी विकास का ढांचा पूरी तरह अधर में लटका हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने स्वयं इस मुद्दे को कैबिनेट में पुरजोर तरीके से उठाया था और कांग्रेस पार्टी आज भी अपने उस रुख पर कायम है।
‘एनडी तिवारी के कार्यकाल में हुए ऐतिहासिक विकास कार्य, भाजपा शासन में 10 साल से कार्य ठप’
पूर्व मंत्री दुर्गापाल ने क्षेत्र के विकास इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 2002 में एनडी तिवारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिना किसी आंदोलन के बिंदुखत्ता में सड़क, बिजली, अस्पताल, स्कूल और आईटीआई जैसे ऐतिहासिक निर्माण कराए गए थे। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने बिंदुखत्ता को नगर पालिका का दर्जा दिलाने की पहल की थी और बिजली प्रोजेक्ट को स्वीकृति दिलाई थी। उन्होंने अफसोस जताया कि बिंदुखत्ता से नगर पालिका का दर्जा वापस लिया जाना क्षेत्र के विकास के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। दुर्गापाल ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों के भाजपा शासनकाल में बिंदुखत्ता के विकास कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि बिंदुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति का यह आंदोलन गैर-राजनीतिक है और वह इस जन-आंदोलन की आवाज को हर मंच पर उठाते रहेंगे।

