
राजू अनेजा, लाल कुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने के लंबे समय से लंबित मुद्दे को लेकर क्षेत्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता हरेंद्र सिंह बोरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पिछले करीब नौ वर्षों से इस संवेदनशील मुद्दे को केवल राजनीतिक हथियार और चुनावी जुमले के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस और व्यावहारिक निर्णय नहीं लिया गया।
हरेंद्र बोरा ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता वर्षों से अपने भूमि अधिकारों और राजस्व गांव के दर्जे की उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन सरकार की ओर से बार-बार केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव के समय इस मुद्दे को उछालकर जनता की भावनाओं को भुनाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही पूरा मामला फिर से ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत और नीति स्पष्ट होती तो अब तक बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिल चुका होता। लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी आम लोग अपनी जमीन, अधिकारों और पहचान को लेकर कानूनी व प्रशासनिक उलझनों में फंसे हुए हैं। यह स्थिति क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता को लगातार विकास की मुख्यधारा से दूर रखा गया है और उनके मूलभूत अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक उपेक्षा करार दिया।
हरेंद्र बोरा ने भाजपा नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अब जनता पूरी तरह समझ चुकी है कि राजस्व गांव का मुद्दा केवल वोट बैंक की राजनीति तक सीमित रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से किए जा रहे वादों के बावजूद आज तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे जनता में गहरा आक्रोश और असंतोष है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में क्षेत्र में नगर पालिका गठन की दिशा में विकास की मजबूत नींव रखी गई थी, लेकिन विकास विरोधी मानसिकता के चलते भाजपा ने जनता को गुमराह कर न सिर्फ नगर पालिका का विरोध कराया, बल्कि शासनादेश तक वापस करवा दिया। इसके चलते आज क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से लगातार पीछे होता चला गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान हालात में न तो बिंदुखत्ता को नगर पालिका का लाभ मिल पा रहा है और न ही राजस्व गांव के मुद्दे का कोई ठोस समाधान सामने आया है, जिससे आम जनता अपने ही बुनियादी अधिकारों और विकास सुविधाओं से वंचित है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता इस उपेक्षा का जवाब देगी और बिंदुखत्ता के हक व अधिकार की लड़ाई को और अधिक तेज किया जाएगा।
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