
राजू अनेजा,काशीपुर। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीनेशन अभियान काशीपुर में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दावों के बावजूद जागरूकता के अभाव और स्कूलों में कैंप न लग पाने से अब तक महज 92 किशोरियों को ही वैक्सीन लग सकी है, जबकि अस्पताल को 500 डोज उपलब्ध कराई गई हैं।
जिले में 28 फरवरी से इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई थी। केंद्र सरकार की ओर से भी सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर एचपीवी वैक्सीनेशन पर खास जोर दिया जा रहा है। नौ से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को यह टीका लगाया जा रहा है, लेकिन काशीपुर में अभियान जमीन पर अपेक्षित असर नहीं दिखा पा रहा।
एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय की टीकाकरण प्रभारी मीना भट्ट ने बताया कि अस्पताल में नौ मार्च से सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को वैक्सीन लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक सिर्फ 92 किशोरियों का टीकाकरण हो पाया है।
स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी चुनौती स्कूलों में कैंप न लग पाना बन गई है। विभागीय टीम रामनगर रोड स्थित एक निजी स्कूल में शिविर लगाने पहुंची थी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विभाग अस्पताल आने वाले अभिभावकों को ही जागरूक कर टीका लगवाने की अपील कर रहा है, लेकिन अधिकांश अभिभावक हिचकिचाहट दिखा रहे हैं।
चिंता की बात यह है कि प्रदेश में सबसे अधिक एचपीवी वैक्सीनेशन ऊधमसिंह नगर जिले में हो रहा है, लेकिन काशीपुर क्षेत्र इस अभियान में पिछड़ता नजर आ रहा है।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि काशीपुर में वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार की जानकारी ली जाएगी और स्कूलों में शिविर लगवाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों को इस गंभीर बीमारी से बचाव का सुरक्षा कवच मिल सके।
ताजा खबर
- गुलदार का आतंक: चारा लेने गए बुजुर्ग को बनाया निवाला, वन मंत्री के गृह क्षेत्र में 5वीं मौत से भारी आक्रोश
- उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके; भटवाड़ी तहसील में था केंद्र, दहशत में आए लोग
- लालकुआं: संदिग्ध परिस्थितियों में 12 वर्षीय बच्ची की मौत; पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में तोड़ा दम
- अब नहीं बदलनी पड़ेगी बस, काशीपुर से नैनीताल-लोहाघाट का सफर होगा आसान
- तराई में मतांतरण की दस्तक, काशीपुर तक फैला नेटवर्क ! अमृतसर कनेक्शन, गांवों में सक्रिय मिशनरियां और प्रशासन की जांच से बढ़ी हलचल
- नैनीताल: फैंसी नंबरों का क्रेज; ‘0001’ के लिए वाहन स्वामी ने चुकाए 5.03 लाख रुपये, विभाग को मिला बंपर राजस्व
- स्वच्छता सर्वेक्षण में काशीपुर की दमदार छलांग, अब देहरादून को पछाड़ने की तैयारी
- रुद्रपुर: मुख्य बाजार में चोरों का तांडव; एक साथ चार शोरूमों के ताले तोड़कर 10 लाख की नकदी पार
- सितारगंज: सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अग्निवीर रमनजीत सिंह; नम आंखों से हजारों ने दी अंतिम विदाई
- क्रूड ऑयल संकट का असर: उत्तराखंड में 60% महंगा हुआ तारकोल, सड़क निर्माण और गड्ढा मुक्त अभियान पर संकट

