जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट से मिली मंजूरी, 63 मिलियन यूनिट का होगा बिजली उत्पादन

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देहरादूनः उत्तराखंड के महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शुमार जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर मुहर लगी है. इन्हीं अहम प्रस्ताव में उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव जमरानी बांध परियोजना पर शामिल है. जिस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी सहमति जता दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की सहमति के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है.

सीएम धामी ने जताया आभारः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की महत्वपूर्ण परियोजना जमरानी बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद अब हल्द्वानी और उसके आसपास के क्षेत्र में पेयजल के साथ ही सिंचाई की समस्या का समाधान हो सकेगा. दरअसल, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में काठगोदाम से 10 किमी अपस्ट्रीम में गौला नदी पर जमरानी बांध का निर्माण प्रस्तावित है.

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63 मिलियन यूनिट का होगा बिजली उत्पादन, मिलेगा 42 एमसीएम पेयजलः जमरानी बांध परियोजना का निर्माण होने के बाद करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को न सिर्फ सिंचाई की सुविधा मिलेगी. बल्कि, हल्द्वानी शहर को हर साल 42 एमसीएम पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. इसके अलावा 63 मिलियन यूनिट जल विद्युत उत्पादन का भी प्रावधान है. जमरानी बांध परियोजना को ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ’ कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल कर दिया गया है. सीएम धामी की मानें तो अगले 5 साल में बांध का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा.

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दरअसल, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जमरानी बांध परियोजना के वित्त पोषण के लिए निवेश स्वीकृति और जल शक्ति मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी ने स्वीकृति दे दी थी. इसके बाद पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड को वित्तीय स्वीकृति के लिए जल शक्ति मंत्रालय ने प्रस्ताव भी भेज दिया था. लिहाजा, इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय ने मार्च 2023 में आयोजित पीआईबी की बैठक में सहमति जता दी थी. अब 25 अक्टूबर 2023  मोदी मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई.

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