लालकुआं व्यापार मंडल चुनाव: महामंत्री पद पर अमजद खान का डिजिटल और जमीनी ‘धमाका’; छोटे-बड़े व्यापारियों के भारी ध्रुवीकरण से विपक्षियों में मची खलबली

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लालकुआं: प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल लालकुआं इकाई के त्रिवार्षिक चुनाव में अब हर एक सीट पर शह और मात का खेल चरम पर पहुंच चुका है। विशेष रूप से महामंत्री पद के सशक्त उम्मीदवार अमजद खान का धुआंधार चुनावी अभियान इस समय पूरे नगर और बाजार क्षेत्र में चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है। अमजद खान ने जमीनी स्तर पर वन-टू-वन जनसंपर्क करने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर ऐसा आक्रामक और धमाकेदार डिजिटल कैंपेन चलाया है, जिसने चुनावी फिजा को पूरी तरह बदल दिया है। छोटे रेहड़ी-पटरी दुकानदारों से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक से मिल रहे इस अपार और अभूतपूर्व समर्थन ने अमजद खान को महामंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे प्रतिद्वंदी उम्मीदवारों और विपक्षी खेमे के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं।

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दुकान-दुकान संवाद और सोशल मीडिया पर आक्रामक प्रचार बनी ताकत

चुनावी समीकरणों पर नजर डालें तो अमजद खान की इस प्रचंड दावेदारी के पीछे उनका सुव्यवस्थित दोतरफा प्रचार अभियान है। एक ओर जहां वे कड़कड़ाती धूप में बाजार के कोने-कोने में जाकर प्रत्येक छोटे-बड़े व्यापारी से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनकी टीम द्वारा चलाया जा रहा क्रिएटिव प्रचार युवाओं और प्रबुद्ध व्यापारियों को तेजी से आकर्षित कर रहा है। धरातल पर लगातार मजबूत होती इस पकड़ को देखकर विपक्षी खेमे के भीतर अपनी तय रणनीति को रातों-रात बदलने और नए सिरे से जोड़-तोड़ करने की सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। व्यापारियों का एक बड़ा धड़ा अब खुलकर अमजद खान के पक्ष में लामबंद होने लगा है।

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गुटबाजी से परे, सरल स्वभाव और व्यापारियों के प्रति समर्पण की छवि

बाजार क्षेत्र के व्यापारियों के बीच अमजद खान की इस गहरी पैठ और लोकप्रियता की कई महत्वपूर्ण वजहें हैं:

  • सुलभ और मिलनसार स्वभाव: अमजद खान अपनी सादगी और हर छोटे-बड़े दुकानदार के सुख-दुख में चौबीस घंटे उपलब्ध रहने वाली छवि के कारण बेहद लोकप्रिय हैं।

  • व्यापारिक हितों की लड़ाई: स्थानीय बाजार की पुरानी और पेचीदा समस्याओं जैसे—अतिक्रमण का स्थायी समाधान, उचित पार्किंग व्यवस्था, मनमाने टैक्स और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वे हमेशा प्रशासनिक स्तर पर मुखर रहे हैं।

  • छोटे व्यापारियों का अटूट विश्वास: फुटपाथ, फड़ और छोटे दुकानदारों को यह पूरा भरोसा है कि अमजद खान के नेतृत्व में उनके हितों की अनदेखी नहीं होगी।

बदलाव की लहर: मजबूत और पारदर्शी नेतृत्व की तलाश

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लालकुआं के व्यापारी इस बार पारंपरिक गुटबाजी और जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर एक ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जो व्यापार मंडल को अधिक पारदर्शी, मजबूत और जवाबदेह बना सके। व्यापारियों का मानना है कि अमजद खान एक ऐसे निर्विवाद और सशक्त चेहरे हैं जो व्यापारियों की आवाज को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से बुलंद कर सकते हैं। आगामी 31 मई 2026 को होने वाले मतदान से ठीक पहले, बाजार में बन रहे ये जमीनी हालात इस बात की साफ गवाही दे रहे हैं कि महामंत्री पद पर अमजद खान की दावेदारी ऐतिहासिक रूप से मजबूत हो चुकी है।