लालकुआं गैस संकट: 15 दिन से मची ‘हाहाकार’; आज वितरण पूरी तरह ठप, विधायक से संपर्क नहीं और अधिकारी मौन
लालकुआं और बिंदुखत्ता क्षेत्र में घरेलू गैस की किल्लत ने अब विकराल रूप ले लिया है। पिछले 15 दिनों से जारी इस संकट के बीच आज, 24 मार्च 2026 (मंगलवार) को बरेली रोड समेत कई इलाकों में गैस वितरण पूरी तरह ठप रहा, जिससे उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है।
यहाँ इस संकट और वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है:
लालकुआं (24 मार्च 2026): ईद और रविवार की छुट्टियों के बाद उम्मीद थी कि मंगलवार को आपूर्ति बहाल होगी, लेकिन डिपो में स्टॉक खत्म होने से स्थिति और बिगड़ गई है।
1. सुरुचि इंडेन गैस एजेंसी: “गोदाम पूरी तरह खाली”
एजेंसी प्रबंधक जीवन सिंह ने आपूर्ति ठप होने के पीछे तकनीकी और स्टॉक संबंधी कारणों का हवाला दिया है:
-
शून्य स्टॉक: वर्तमान में गोदाम में एक भी भरा हुआ सिलेंडर उपलब्ध नहीं है।
-
काशीपुर प्लांट पर निर्भरता: प्रबंधक के अनुसार, काशीपुर प्लांट में आज एक गाड़ी भेजी गई है। शाम तक मात्र 360 सिलेंडर पहुँचने की उम्मीद है।
-
मांग और आपूर्ति का अंतर: क्षेत्र में प्रतिदिन की मांग 600 सिलेंडरों से अधिक है, जबकि आपूर्ति आधी भी नहीं हो पा रही है।
2. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का रुख
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि संकट के समय उन्हें सही जानकारी नहीं मिल रही है:
-
विधायक डॉ. मोहन बिष्ट: क्षेत्रीय विधायक से संपर्क करने की कोशिशें नाकाम रही हैं, जिससे जनता में आक्रोश है।
-
डीएसओ मनोज बर्मन: जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि वे देहरादून स्थित इंडियन ऑयल के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं, ताकि लालकुआं के लिए विशेष कोटे की व्यवस्था की जा सके।
-
प्रभावित क्षेत्र: लालकुआं शहर, 25 एकड़, इंदिरानगर बिंदुखत्ता और बरेली रोड के हजारों परिवार बिना गैस के परेशान हैं।
3. उपभोक्ताओं की आशंकाएं
लगातार 15 दिनों से बनी इस स्थिति के कारण लोगों में कई तरह के डर बैठ गए हैं:
-
कालाबाजारी का डर: आपूर्ति कम होने से सिलेंडरों की अवैध बिक्री की संभावना बढ़ गई है।
-
अनिश्चितता: लोग पत्रकारों और तहसील कार्यालयों में फोन करके आने वाले दिनों में गैस की उपलब्धता को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
Snapshot: लालकुआं गैस संकट (24 मार्च)
| विवरण | वर्तमान स्थिति |
| संकट की अवधि | पिछले 15 दिनों से निरंतर |
| आज की स्थिति | बरेली रोड, लालकुआं और बिंदुखत्ता में वितरण पूरी तरह बंद |
| दैनिक मांग | 600+ सिलेंडर |
| संभावित आपूर्ति | शाम तक केवल 360 सिलेंडर (काशीपुर से) |
| मुख्य समस्या | डिपो में स्टॉक खत्म होना और अधिकारियों की स्पष्ट जानकारी न देना |
निष्कर्ष: यदि शाम तक काशीपुर से आने वाली गाड़ी पहुँचती भी है, तो वह केवल 50% मांग को ही पूरा कर पाएगी। प्रशासन को इस दिशा में युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है, अन्यथा आने वाले दिनों में यह संकट कानून-व्यवस्था की समस्या बन सकता है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

