लालकुआं: संदिग्ध परिस्थितियों में 12 वर्षीय बच्ची की मौत; पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

खबर शेयर करें -

लालकुआं/मोटाहल्दू: क्षेत्र में बदलते मौसम के साथ फैल रही संक्रामक बीमारियों के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। मोटाहल्दू के जयपुर खीमा गांव में बटाईदार के रूप में कार्य करने वाले एक व्यक्ति की 12 वर्षीय पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची को अचानक तेज पेट दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

यह भी पढ़ें 👉  खटीमा में खिलाड़ियों का जलवा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौहान सेल्फ डिफेंस अकादमी के पदक विजेताओं को किया सम्मानित; उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

अचानक बिगड़ी तबीयत, हायर सेंटर में हुई मौत

जानकारी के अनुसार, बहेड़ी निवासी रामपाल, जो मोटाहल्दू में मुन्नी कबडवाल के यहां बटाईदार के रूप में कार्यरत हैं, उनकी पुत्री पायल (12 वर्ष) के पेट में गुरुवार शाम अचानक असहनीय दर्द उठा। परिजन उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मोटाहल्दू ले गए, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उसे हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय (STH) में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़ें 👉  कालाढूंगी में टला बड़ा हादसा: नैनीताल से लौट रहे हरियाणा के स्कूली बच्चों का टेंपो ट्रैवलर पलटा; चालक व शिक्षकों समेत 6 घायल, खाई में गिरने से बची जान

क्षेत्र में शोक, पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम

बच्ची की अचानक हुई मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। हल्दूचौड़ पुलिस चौकी प्रभारी शंकर सिंह नयाल ने बताया कि पुलिस को बच्ची की मौत की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। गौरतलब है कि इन दिनों मौसम परिवर्तन के कारण उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  भीमताल ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में दर्दनाक हादसा: छत की सफाई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया कर्मचारी, मौत; लापरवाही का आरोप