राजू अनेजा, किच्छा।तराई की राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सार्वजनिक मंच पर आ गई है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला द्वारा पूर्व मंत्री एवं किच्छा के विधायक तिलक राज बेहड़ पर कसा गया तंज अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है।
दरअसल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने हाल ही में एक बयान में तिलक राज बेहड़ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि “पुत्र पर हुए हमले के दौरान आप अपने आका को ढूंढ रहे थे”। शुक्ला ने इस तंज को “आईना” बताते हुए बेहड़ को उसमें झांकने की नसीहत दी थी। यह टिप्पणी न सिर्फ व्यक्तिगत थी, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले गए।
अब उसी तंज का जवाब तिलक राज बेहड़ ने एक सार्वजनिक संदेश के जरिए दिया है, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस संदेश में बेहड़ ने राजेश शुक्ला को संबोधित करते हुए लिखा—
“आप बहुत विद्वान राजनीतिज्ञ हैं, पढ़े-लिखे भी बहुत हैं। जो आईना आज आपने मुझे दिखाया है, उसको आप भी समय-समय पर जरूर देखते रहा करें।”
साथ ही बेहड़ ने शुक्ला को उनकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद भी कहा। इस जवाब को राजनीतिक हलकों में सीधा-सीधा तंज का तंज से जवाब माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम केवल व्यक्तिगत बयानबाज़ी नहीं है, बल्कि तराई में चल रही सत्ता और संगठन की अंदरूनी राजनीति की झलक भी दिखाता है। जहां एक ओर शुक्ला ने हमले के संवेदनशील मुद्दे को उठाकर सवाल खड़े किए, वहीं बेहड़ ने उसी आईने को पलटते हुए यह संकेत दिया कि राजनीति में आरोप लगाने वालों को भी खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए।
इस बयानबाज़ी के बाद तराई की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह सियासी आईना युद्ध यहीं थमेगा या आने वाले दिनों में और तीखे बयान सामने आएंगे। फिलहाल इतना तय है कि किच्छा की राजनीति में यह आईना केवल चेहरा नहीं, बल्कि कई सियासी सच उजागर कर रहा है।
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