हरिद्वार (24 मार्च 2026): बरेली (उत्तर प्रदेश) की एक बेबस मां की आठ साल लंबी तलाश सोमवार को हरिद्वार में समाप्त हुई। एएचटीयू की टीम ने तकनीकी जांच और मानवीय संवेदनाओं के मेल से इस नामुमकिन से दिखने वाले काम को मुमकिन कर दिखाया।
1. 8 साल पहले की वो एक डांट और बिछड़ना
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वजह: बरेली के फरीदपुर की रहने वाली इस महिला के दो बेटे (तब उम्र 6 और 4 वर्ष) पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकल गए थे।
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लंबा संघर्ष: पिछले आठ वर्षों से माता-पिता अपने बच्चों की फोटो लेकर उत्तर प्रदेश, गुजरात और अन्य राज्यों के दर-दर भटक रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
2. बांद्रा एक्सप्रेस से रेस्क्यू और पहचान की चुनौती
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रेस्क्यू (16 मार्च): हरिद्वार एएचटीयू की टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 पर खड़ी बांद्रा एक्सप्रेस से तीन लावारिस बालकों को रेस्क्यू किया।
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काउंसलिंग: बच्चों की काउंसलिंग के दौरान एक किशोर ने अपनी धुंधली यादों के आधार पर कुछ जानकारी दी। चूंकि वह महज 6 साल की उम्र में घर से भागा था, उसे अपने गांव का सटीक पता याद नहीं था।
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सोशल मीडिया और ग्राम प्रधानों की मदद: पुलिस ने उत्तर प्रदेश और बिहार के ‘केरूआ’ नाम से मिलते-जुलते गांवों के प्रधानों और सोशल मीडिया का सहारा लिया।
3. वीडियो कॉल और भावुक मिलन
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मौसी के जरिए सुराग: 19 मार्च को टीम का संपर्क किशोर की मौसी से हुआ। पता चला कि मां अभी भी गुजरात में बच्चों की तलाश कर रही है।
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पहचान: वीडियो कॉल के जरिए जब मां ने अपने बड़े बेटे को देखा, तो उसकी ममता ने तुरंत उसे पहचान लिया।
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सुपुर्दगी: बाल कल्याण समिति (CWC) हरिद्वार के समक्ष कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, किशोर को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
4. दूसरे बेटे की तलाश अभी जारी
मां ने अपने एक बेटे को पाकर जहां हरिद्वार पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया, वहीं टीम से अपने दूसरे छोटे बेटे को भी ढूंढ निकालने की भावुक अपील की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किशोर से मिली नई जानकारियों के आधार पर दूसरे बच्चे की तलाश भी तेज कर दी जाएगी।
Snapshot: हरिद्वार एएचटीयू रेस्क्यू ऑपरेशन
| विवरण | जानकारी |
| अभियान का नाम | ऑपरेशन स्माइल (Operation Smile) |
| पीड़ित परिवार | बरेली, उत्तर प्रदेश |
| बिछड़ने की अवधि | 8 वर्ष (2018 से 2026) |
| रेस्क्यू स्थल | प्लेटफार्म नंबर 5, हरिद्वार रेलवे स्टेशन |
| मुख्य भूमिका | एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), हरिद्वार |

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