चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में नीचे गिरा यात्री, ऊपर से गुजर गई पूरी दुर्गियाना एक्सप्रेस; मामूली चोटों के साथ बाल-बाल बची जान
लक्सर (हरिद्वार): लक्सर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर एक ऐसा चमत्कारिक वाकया सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। अमृतसर से रवाना होकर जाने वाली दुर्गियाना एक्सप्रेस में चढ़ने की जल्दबाजी में एक यात्री अचानक असंतुलित होकर प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच के गैप में गिर गया। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस विधिक हादसे में यात्री के ऊपर से पूरी की पूरी ट्रेन गुजर गई, लेकिन दैवीय कृपा से उसे केवल मामूली चोटें आईं। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए यात्री को ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकाला और आपातकालीन विधिक उपचार उपलब्ध कराया।
भाभी के निधन पर घर जाने की थी जल्दबाजी; अचानक बिगड़ा संतुलन
रेलवे पुलिस और स्टेशन प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुआ व्यक्ति पारसनाथ पुत्र राम सुमेर, उत्तर प्रदेश के जनपद अंबेडकर नगर के बसखारी क्षेत्र का निवासी है।
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कनखल में करता है काम: पारसनाथ वर्तमान में हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में रहकर पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) का कार्य करता है।
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जल्दबाजी पड़ी भारी: उसने बताया कि घर में उसकी भाभी का आकस्मिक निधन हो गया था, जिसके चलते वह बेहद भावुक स्थिति में घर जाने की जल्दबाजी में लक्सर स्टेशन पहुंचा था।
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चलती ट्रेन में दौड़: दोपहर करीब एक बजे जैसे ही दुर्गियाना एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-4 से रवाना होने लगी, तो उसने चलती हुई ट्रेन में ही चढ़ने का विधिक प्रयास किया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच के संकरे खाली स्थान में समा गया।
पूरी ट्रेन गुजरने के बाद रुकी; वेंडरों और यात्रियों ने मिलकर निकाला बाहर
यात्री को गिरते देख प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते या चेन पुलिंग हो पाती, तब तक रफ्तार पकड़ चुकी ट्रेन के सभी डिब्बे एक-एक कर पारसनाथ के ऊपर से गुजर चुके थे।
शोर-शराबा सुनकर ट्रेन मैनेजर (गार्ड) ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रुकवाया। स्टेशन पर मौजूद स्थानीय वेंडरों, कुलियों और आरपीएफ-जीआरपी के जवानों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पटरी के बीच फंसे पारसनाथ को बेहद सावधानी से सुरक्षित बाहर निकाला।
पैर और कूल्हे में आई मामूली चोटें; परिजन किए गए सूचित
पूरी ट्रेन ऊपर से गुजर जाने के बावजूद पारसनाथ को जीवित और होश में देखकर मौके पर मौजूद सभी रेल कर्मचारी और यात्री आश्चर्यचकित रह गए। हादसे में उसके पैर और कूल्हे पर कुछ मामूली विधिक चोटें और खरोंचें आई थीं।
स्टेशन प्रशासन द्वारा तत्काल रेलवे चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घायल का गहन प्राथमिक उपचार किया। इसके साथ ही जीआरपी पुलिस ने उसके अंबेडकर नगर स्थित परिजनों को दूरभाष के माध्यम से घटना की विधिक सूचना दे दी है। इस पूरे रेस्क्यू और विधिक राहत कार्य के दौरान स्टेशन अधीक्षक के.आर. मीणा, आरपीएफ उपनिरीक्षक श्रीकृष्ण शर्मा तथा जीआरपी उपनिरीक्षक अतुल चौहान सहित रेलवे का पूरा स्टाफ मुस्तैद रहा।
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