बागेश्वर। पीएम श्री राजकीय इंटर कालेज भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हत्या के आरोपी विद्यालय के ही प्रशासनिक अधिकारी (वरिष्ठ सहायक) के अजीबोगरीब और असामान्य व्यवहार को लेकर पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी का आचरण सामान्य नहीं था, जिसके चलते लोग उससे दूरी बनाकर ही रखते थे।
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की रहस्यमयी और संदिग्ध हरकतों के कारण ही विद्यालय के आसपास किसी भी मकान मालिक ने उसे कमरा किराये पर नहीं दिया था। इसी वजह से वह स्कूल से करीब पांच किलोमीटर दूर कठपुड़ियाछीना मार्ग पर स्थित एरियागाड़ में एक किराये के कमरे में अकेले रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी कभी-कभी पुरुषों के कपड़ों के बजाय धोती, माथे पर बिंदी और हाथों में चूड़ियां पहनकर घूमता हुआ दिखाई देता था, जिसे देखकर लोग हैरान और भयभीत रहते थे। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पिछले करीब एक सप्ताह से अपने साथ धारदार चाकू लेकर विद्यालय आ रहा था, लेकिन किसी ने भी इस बात की गंभीरता को भांपकर पुलिस या प्रशासन को इसकी सूचना नहीं दी।
अक्सर दुकानदारों से करता था अभद्र व्यवहार
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि आरोपी स्वभाव से काफी उग्र था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर अभद्र व्यवहार व धमकियां देने लगता था। इसी डर से कई दुकानदार उसे सामान बेचने से कतराते थे। दुकानदार कमल सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य की हत्या जैसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेहद सामान्य तरीके से उनकी दुकान पर पहुंचा और अंडा खरीदने लगा। जब अंडे की कीमत 9 रुपये बताई गई, तो वह भड़क गया और कहने लगा कि उनके वहां 4 रुपये में अंडा मिलता है। इसी बात पर उसने दुकान पर कहासुनी भी की।
गौरतलब है कि आरोपी करीब दो वर्ष पूर्व राजकीय इंटर कालेज बदियाकोट से स्थानांतरित होकर भटखोला आया था। एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर होने के बावजूद उसका समाज और विद्यालय में लोगों के प्रति व्यवहार बेहद हिंसक और असंतुलित था, जिसका अंजाम अंततः एक शिक्षक की मौत के रूप में सामने आया। फिलहाल पुलिस आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य और हत्या के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच कर रही है।


