
राजू अनेजा,काशीपुर। करीब एक दशक पुराने सड़क दुर्घटना मामले में आखिरकार न्याय की जीत हुई, जब वरिष्ठ अधिवक्ता सिंधु आकाश की सशक्त पैरवी के चलते आरोपी को अदालत से बड़ी राहत मिली हे । अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त करार दिया।
वर्ष 2016 में दर्ज इस मामले में अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश करने में नाकाम रहा। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिंधु आकाश ने मजबूती से पक्ष रखते हुए पूरे मामले की कमजोर कड़ियों को अदालत के सामने उजागर किया। उन्होंने दलीलों और तथ्यों के जरिए यह साबित किया कि आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो पाए।
करीब 10 साल तक चले इस मुकदमे में 30 नवंबर 2024 को अंतिम बहस के दौरान सिंधु आकाश की धारदार दलीलों ने केस की दिशा ही बदल दी। अदालत ने भी माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा।24 मार्च 2026 को सुनाए गए फैसले में आरोपी को आईपीसी की सभी धाराओं से बरी कर दिया गया।
कानूनी गलियारों में चर्चा तेज
इस फैसले के बाद काशीपुर के कानूनी गलियारों में वरिष्ठ अधिवक्ता सिंधु आकाश की पैरवी की खूब सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि उन्होंने केस की बारीकियों को जिस तरह से कोर्ट के सामने रखा, वह उनकी कानूनी समझ और अनुभव को दर्शाता है।
न्याय की जीत, मजबूत पैरवी की मिसाल
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि मजबूत और तथ्यपरक पैरवी किसी भी केस का रुख बदल सकती है।

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