कैंची धाम दर्शन को आए दिल्ली के श्रद्धालुओं की कार बनी ‘आग का गोला’; बाल-बाल बचे पर्यटक
भवाली (24 मार्च 2026): श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र कैंची धाम के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर वाहनों की मैकेनिकल सुरक्षा और पहाड़ी रास्तों पर बढ़ती गर्मी के बीच इंजन के तापमान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
1. घटना का विवरण: देखते ही देखते जल गई कार
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श्रद्धालु: दिल्ली से पर्यटकों का एक दल बाबा नीब करौरी के दर्शन के लिए कैंची धाम पहुँचा था।
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समय और स्थान: सोमवार दोपहर, भवाली-कैंची धाम बाईपास के पास।
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हादसे की प्रकृति: पर्यटकों ने अपनी कार सड़क किनारे पार्क की थी। कुछ ही देर बाद कार से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
2. सुरक्षा और राहत कार्य
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जान-माल की सुरक्षा: चूंकि कार पार्क की गई थी और पर्यटक उससे बाहर थे, इसलिए किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।
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दमकल की कार्रवाई: सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, कार पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी।
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पुलिस जांच: कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि आग लगने के कारणों की अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्राथमिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या इंजन की ओवरहीटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
Snapshot: भवाली कार आग हादसा
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | भवाली-कैंची धाम बाईपास |
| वाहन का पंजीकरण | दिल्ली (Delhi) |
| हताहत | शून्य (सभी सुरक्षित) |
| वर्तमान स्थिति | कार पूरी तरह नष्ट, यातायात सामान्य |
पहाड़ी रास्तों के लिए सुरक्षा सलाह (Safety Tip)
गर्मियों के मौसम में लंबी चढ़ाई वाले रास्तों पर कारों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:
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इंजन कूलेंट: लंबी यात्रा से पहले कूलेंट लेवल की जांच अवश्य करें।
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वायरिंग: कार में किसी भी प्रकार की ‘आफ्टर-मार्केट’ एक्सेसरीज या लूज वायरिंग न रखें, जो शॉर्ट सर्किट का कारण बन सके।
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ब्रेक: लगातार ढलान पर ब्रेक के इस्तेमाल से ड्रम गर्म हो जाते हैं, बीच-बीच में गाड़ी को विश्राम देना उचित रहता है।

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