
बिलासपुर/सितारगंज। नाराज पत्नी पर मायके से वापस लौटने का दबाव बनाने और उसके परिजनों को फंसाने की नीयत से एक पिता ने अपने ही साढ़े तीन वर्षीय मासूम बेटे के अपहरण की झूठी पटकथा रच डाली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर आरोपी पिता और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मासूम बच्चे को उत्तराखंड के सितारगंज से सकुशल बरामद कर लिया गया है। बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आरोपी विकास कश्यप ने बीते 6 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति उसके छोटे बेटे कार्तिक का अपहरण कर ले गया है, जिसके बाद पुलिस की कई टीमों ने मामले की तफ्तीश शुरू की।
CCTV और सर्विलांस से खुला राज, पुलिस ने सितारगंज से बच्चे को किया बरामद
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास की दूसरी पत्नी विनीता उर्फ तरन्नुम पारिवारिक अनबन के कारण 19 अगस्त को बिना बताए मायके चली गई थी। पत्नी को वापस लाने और ससुराल वालों को कानूनी शिकंजे में फंसाने के इरादे से विकास ने अपने दोस्त शंभू (निवासी भकसौरा, खजुरिया) के साथ मिलकर बच्चे के गायब होने की साजिश रची। योजना के मुताबिक शंभू बच्चे को बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक से उत्तराखंड के सितारगंज ले गया। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सर्विलांस की मदद ली, तो पिता की भूमिका ही संदिग्ध पाई गई। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने सितारगंज में दबिश देकर मासूम को सुरक्षित बरामद किया और घटना में प्रयुक्त बाइक व हेलमेट जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

