कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस का मेगा प्लान: इस बार 18 सुपर जोन और 3,753 सुरक्षाकर्मी संभालेंगे मोर्चा, आधुनिक तकनीक से होगी 24 घंटे निगरानी

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देहरादून। आगामी कांवड़ यात्रा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का दायरा ऐतिहासिक रूप से बढ़ा दिया है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी आमद की संभावना को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को पहले के मुकाबले कहीं अधिक व्यापक, सख्त और तकनीक-आधारित बनाया गया है। यात्रा मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन व सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था में भारी बढ़ोतरी (तुलनात्मक विवरण)

कांवड़ मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस वर्ष सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए सुपर जोन, जोन और सेक्टरों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है:

  • सुपर जोन: इस बार सुरक्षा को 18 सुपर जोन में विभाजित किया गया है, जबकि वर्ष 2024 में 13 और वर्ष 2025 में 16 सुपर जोन बनाए गए थे।

  • जोन और सेक्टर: इस वर्ष जोनों की संख्या 37 (वर्ष 2025) से बढ़ाकर 40 कर दी गई है, वहीं सेक्टरों की संख्या भी 134 से बढ़ाकर 141 की गई है।

  • तकनीकी निगरानी: चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या 336 से बढ़ाकर 370 और निगरानी ड्रोन की संख्या 22 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है।

  • मानव संसाधन: कांस्टेबल से लेकर एएसपी (ASP) स्तर तक इस बार कुल 3,753 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैद रहेंगे, जो वर्ष 2024 (2,444) और वर्ष 2025 (3,256) के मुकाबले काफी अधिक है।

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केंद्रीय सुरक्षा बल, एटीएस और बीडीएस की टीमें भी बढ़ीं

सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों और विशेष दस्तों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। इस बार पीएसी (PAC) और आईआरबी (IRB) की कंपनियों को 15 से बढ़ाकर 17 कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय सुरक्षा बल की कंपनियां 11 से बढ़ाकर 18, बम निरोधक दस्ता (BDS) की टीमें 7 से बढ़ाकर 8, स्वान दल (स्निफर डॉग) 7 से बढ़ाकर 8, आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) की टीमें 2 से बढ़ाकर 4 और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन वाहनों की संख्या 24 से बढ़ाकर 27 की गई है।

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वर्ष 2025 में आए थे रिकॉर्ड 4.52 करोड़ श्रद्धालु

आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या में हर साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2025 में कुल 4.52 करोड़ कांवड़ यात्री उत्तराखंड पहुंचे थे। पिछले वर्ष के जनसांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा 31.67 प्रतिशत श्रद्धालु हरियाणा से पहुंचे थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश से 26.67%, दिल्ली से 16.67%, पंजाब से 8.33%, राजस्थान से 5%, खुद उत्तराखंड से 1.67% और शेष 10 प्रतिशत कांवड़यात्री देश के अन्य राज्यों से देवभूमि पहुंचे थे। इसी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार पुलिस प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

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