उत्तराखंड : मकान स्वामी ने मकान की गैलरी में बंदर आया समझ उठाया डंडा तो गुर्राया तेंदुआ
अल्मोड़ा। नगर से लेकर गांवों तक तेंदुए की दहशत बनी हुई है। नगर के बीचोबीच एक मकान की गैलरी में तेंदुआ आ धमका। भवन स्वामी ने बंदर समझकर उसे डंडा दिखाया तो वह गुर्राते हुए वहां से भाग गया।

डर के मारे किसी तरह भवन स्वामी घर के भीतर पहुंचे। वहीं ढूंगाधारा क्षेत्र में भी तेंदुआ दिखने की बात सामने आई है। इससे क्षेत्र में दहशत है।
नगर के पास ढूंगाधारा निवासी सेवानिवृत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रमेश चंद्र तिवारी के घर की गैलरी में देर शाम करीब सात बजे कुछ हलचल हुई। इस पर वे हाथ में डंडा लेकर गैलरी में पहुंचे तो उन्हें वहां बंदर होने का आभास हुआ। जैसे ही उन्होंने डंडे से बंदर हो भगाने का प्रयास किया तो वह तेंदुआ निकला जिसने गुर्राना शुरू कर दिया। अपने सामने तेंदुआ दिखने पर वह किसी तरह चिल्लाते हुए वहां से भागकर घर के भीतर पहुंचे। इधर तेंदुआ भी वहां से भाग गया।
वहीं रात करीब आठ बजे काम से लौट रहे मजदूरों को भी एडम्स गर्ल्स इंटर काॅलेज के पास ढूंगाधारा मार्ग में तेंदुआ दिखाई दिया। इससे पूर्व तीन दिन पहले नगर के चीनाखान में दो तेंंदुए सीसीटीवी में कैद हुए थे। नगर के विभिन्न हिस्सों में तेंदुए की सक्रियता से लोगों में दहशत है। ऐसे में लोग शाम होते ही गली-मोहल्लों में आवाजाही करने से परहेज करते हुए घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
नगर के अलावा ज्यूड़ कफून, जोगियाढुंगा, डोबा रैगंल, ढटालगांव, सरना, सैंज, कुमान आदि गांवों में भी तेंदुए का आतंक बना हुआ है। कफून के लक्ष्मण बिष्ट और रमेश सिंह लटवाल ने बताया कि तेंदुआ शाम होते ही आबादी में पहुंच रहा है जिससे खतरा बना हुआ है। बताया कि तेंदुए ने अब तक क्षेत्र में पांच से अधिक मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया है। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
वन कर्मियों ने लोगों को किया जागरूक
अल्मोड़ा। वन विभाग की टीम ने धारानौला, चीनाखान सहित नगर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। बताया कि जरूरी काम होने पर ही शाम ढलने के बाद घर से निकलें। हो सके तो अकेले में बाहर निकलने से बचें। अपने घरों के आसपास की झाड़ियों का कटान करें ताकि जंगली जानवर वहां न छिप सकें।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

