उत्तराखंड : ‘मम्मी-पापा हमें मत ढूंढना, हम नौकरी की तलाश में जा रहे हैं…’ नोट लिखकर घर से तीन बच्चे भागे

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अल्मोड़ा: धौलछीना थाना क्षेत्र के रहने वाले तीन नाबालिग बच्चे किसी बात पर नाराज होकर घर से निकल गए. जिसकी सूचना परिजनों ने धौलछीना थाने में दी. जिसके बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर बच्चों को रेतीधार के जंगल से सकुशल बरामद कर लिया. जिन्हें पुलिस ने परिजनों को भी सौंप दिया है.

पुलिस के मुताबिक, धौलछीना क्षेत्र के 12, 14 और 15 साल के तीन नाबालिग बच्चे घर से नाराज होकर कहीं चले गए थे. परिजनों ने तीनों को सभी जगह खोजा, लेकिन उनका कुछ पता नहीं लग पाया. जिसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना पर धौलछीना थानाध्यक्ष विजय सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने तीनों गुमशुदा बच्चों की तलाश शुरू की. पुलिस टीम ने नाबालिग बच्चों की खोजबीन के लिए आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई. जिसके बाद थाना क्षेत्र के जंगलों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन तीनों का कुछ पता नहीं लगा.

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वहीं, पुलिस ने अपने सर्च अभियान के तहत लोगों से भी संपर्क किया. जिसके बाद जानकारी मिलने पर तीनों बच्चे रेतीधार जंगल में मिले. जहां उन्हें सकुशल वापस लाया गया. थानाध्यक्ष विजय नेगी ने बताया कि तीनों नाबालिग एक ही गांव के रहने वाले हैं. तीनों अपने परिजनों की किसी बात से नाराज थे. जिसके बाद उन्होंने घर से चले जाने का निर्णय लिया था.

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‘मम्मी–पापा हमें मत ढूंढना… नोट छोड़कर घर से निकले: उन्होंने जाने से पहले अपने-अपने घरों में नोट लिखकर भी गए थे. जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा था कि ‘मम्मी–पापा हमें मत ढूंढना, हम नौकरी की तलाश में जा रहे हैं.’ नोट पढ़ने के बाद बच्चों के माता-पिता काफी परेशान थे. अब बच्चों को अपने पास वापस पाकर परिजनों की जान में जान आई. वहीं, बच्चों की बरामदगी के बाद तीनों नाबालिगों और उनके परिजनों की थाने में काउंसलिंग की गई. जिसके बाद बच्चों को समझा कर उनके परिजनों को सौंप दी गई.