कौन है बीबी ‘मौजमा सपाई’, जिसका शाैहर निकला तस्करों का भाई, पढ़िए दिलचस्प मामला

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एक और तस्कर का कुनबा सपाई निकला है। राजनीतिक संरक्षण के लिए तस्कर ने बीबी को सफेदपोश बना दिया। फिर उसी की आड़ में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थो की तस्करी करने लगा। तस्कर के पकड़े जाने के बाद राज से पर्दा उठा तो पता चला कि उसका पूरा कुनबा ही तस्कर है जबकि उसी की पत्नी सपा सभासद है। तस्कर के पकड़े जाने के बाद उसकी सभासद बीबी के सपा नेताओं के साथ फोटो जमकर वायरल हो रहे हैं। चर्चा है कि सभासद बीबी सपा से ही चेयरमैनी का चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरपीएफ जंक्शन की मदद से बिशारतगंज के रहने वाले तस्कर हनीफ अंसारी उर्फ बब्बू को दो किलो हेरोईन के साथ गिरफ्तार किया था। वाराणसी में पकड़े गए उसके दो गुर्गों के जरिए दिल्ली नारकोटिक्स तस्कर हनीफ तक पहुंची थी। तस्कर को गिरफ्तार कर टीम उसे लेकर दिल्ली चली गई। उसके पकड़े जाने के असल कहानी सामने आई।

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पता चला कि तस्कर हनीफ अंसारी उर्फ बब्बू की बीबी मौजमा बेगम बिशारतगंज के वार्ड नंबर आठ से सपा की सभासद हैं। वर्तमान में वह आने वाले चेयरमैनी के चुनाव की तैयारी में जुटी थीं। पुलिस के मुताबिक, हनीफ मूलरूप से बारादरी के सैलानी का रहने वाला था। साल 1997 में मौजमा से निकाह के कुछ दिनों बाद ही वह बिशारतगंज शिफ्ट हो गया और वहीं पर रहने लगा।

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साल 1998 में मौजमा का भाई चंदू व उसका चाचा मुल्ला दिल्ली के सीलमपुर में मादक पदार्थों की तस्करी में पकड़ा गया। दोनों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। लंबे समय तक दोनों तिहाड़ जेल में रहे। साल 2012 में दोनों के साथ हनीफ भी दिल्ली नारकोटिक्स की गिरफ्त में आ गया। बाहर आने के बाद उसने बड़े पैमाने पर मादक पदाथों की तस्करी शुरू कर दी। दिल्ली, उत्तरांखड, हिमांचल प्रदेश, पंजाब जैसे राज्यों मेें अपना नेटवर्क तैयार कर बड़े पैमाने पर तस्करी शुरू कर दी और करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया।

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इस दौरान कई बार उसका नाम तस्करी में आया लेकिन, हर बार वह बच निकला। राजनीतिक संरक्षण के लिए पालिका चुनाव में पत्नी मौजमा को सपा से सभासदी का चुनाव लड़वाया। पत्नी सभासद बन गई। अब तस्कर पति के पकड़े जाने के बाद सभासद परिवार संग फरार हैं। साला चंदू भी वांछित है। उसके घर नोटिस चस्पा है।