गवाह मुकरे और कान्हा की भक्त ‘राधा’ हो गई बरी, जेल से तारीख पर साथ लेकर आती थीं लड्डू गोपाल की मूर्ति

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अपर जिला जज नीरज गौतम ने गवाहों के मुकरने पर दहेज हत्या में आरोपित राधा और उसके भतीजे सोनू को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश किए। गवाही से मुकरने पर वादी मुकदमा के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर विधिक कार्यवाही करने के आदेश किए।

पौने दो साल से जेल में थी राधा

गिरधर गोपाल की भक्त राधा करीब पौने दो साल से जिला जेल में बंद थी। वह अपने साथ गिरधर गोपाल की मूर्ति लेकर आई थी। जिसे हर समय अपने पास रखती है, तारीख पर भी वह उन्हें साथ लेकर आती थी। इरादत नगर के गांव नौहारिका निवासी हरि किशन की भतीजी खुश्बू की शादी वर्ष 2016 में आरोपित सोनू के साथ हुई थी।

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चाचा भगवान सिंह निवासी गांव बमचौली थाना मनिया धौलपुर की मौत के बाद सोनू अपनी पत्नी खुश्बू एवं चाची राधा के साथ कमला नगर में आकर रहने लगा। हरिकिशन का आरोप था कि सोनू दहेज के लिए उनकी भतीजी खुश्बू के साथ आए दिन मारपीट करता था।

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मुकदमा कराया दर्ज

आरोप है कि 23 नवंबर 2020 को पति और चचिया सास ने खुश्बू के साथ मारपीट कर दी। उसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। यहां 27 नवंबर को खुश्बू की मौत हो गई। हरिकिशन ने सोनू और राधा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों आरोपित 28 नवंबर से जिला जेल में बंद हैं।

मुकदमे के विचारण के दौरान वादी मृतका के चाचा हरि किशन, पिता श्रीकेश, मां अंजना देवी, चिकित्सक उदय प्रताप सिंह, बहन कामना, चिकित्सक देवेंद्र महाजन, एसपी अभिषेक कुमार, मुख्य आरक्षी सोनवीर सिंह को अभियोजन द्वारा गवाही के लिए बुलाया गया। वादी मुकदमा, मृतका के माता-पिता एवं बहन पूर्व गवाही से मुकर गए।

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