नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यशाला में नगर आयुक्त विवेक राय ने पर्यावरण कर्मियों को सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर किया जागरूक

In the workshop organized by the Municipal Corporation, the Municipal Commissioner made environmental workers aware about safety and empowerment.

खबर शेयर करें -

राजू अनेजा,काशीपुर। नगर निगम काशीपुर द्वारा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में सफाई कर्मचारियों के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में सफाई कर्मचारियों को *एम-एस 2013 अधिनियम* के बारे में जानकारी दी गई, जो हाथ से मैला उठाने को रोकता है और उन्हें कानूनी अधिकार और पुनर्वास के प्रावधानों से अवगत कराता है। इसके साथ ही, कार्यशाला में *सुरक्षा उपायों* पर जोर दिया गया, जिससे सफाई कर्मचारी अपने काम के दौरान खतरों से सुरक्षित रह सकें। *पी-पी-ई किट्स* (जैसे दस्ताने, मास्क, सुरक्षा जूते) के सही उपयोग पर भी विस्तृत जानकारी और प्रदर्शन किया गया, ताकि सफाई कर्मचारी इन उपकरणों का सही ढंग से इस्तेमाल कर सकें और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बच सकें।

यह भी पढ़ें 👉  दो तिहाई भाजपा विधायकों पर टिकट संकट! 32 सीटों पर नए चेहरों की तैयारी, धामी के लिए भी सुरक्षित सीट की तलाश

कार्यशाला में *”नमस्ते” योजना* के बारे में भी बताया गया, जिसका उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिस्थितियाँ प्रदान करना और उनके जीवनस्तर में सुधार करना है। इसके अलावा, *राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (NSKFDC)* द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न *ऋण योजनाओं* पर भी चर्चा की गई, जिससे सफाई कर्मचारियों को शिक्षा, रोजगार, और उद्यमिता के लिए वित्तीय सहायता मिल सके। ये ऋण योजनाएं सफाई कर्मचारियों के लिए आत्मनिर्भरता और उनके जीवन में स्थिरता लाने में सहायक साबित हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें 👉  जड़ों में मट्ठा डालते रहे अपने... फिर भी 25 वर्षों से लगातार काशीपुर में खिल रहा हे कमल, आज तक कोई नहीं तोड़ पाया चीमा का तिलिस्म

इस कार्यशाला का आयोजन नगर आयुक्त *विवेक राय* और स्वास्थ्य अधिकारी *डॉ. अमरजीत सहानी* के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला में सफाई कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उन्हें अपने काम से जुड़ी सुरक्षा, स्वास्थ्य, और आर्थिक अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। इस पहल का उद्देश्य न केवल सफाई कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को सुधारना था, बल्कि उन्हें वित्तीय और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रोत्साहित करना भी था, ताकि वे बेहतर जीवन जी सकें और समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और सशक्त बना सकें।

यह भी पढ़ें 👉  दो तिहाई भाजपा विधायकों पर टिकट संकट! 32 सीटों पर नए चेहरों की तैयारी, धामी के लिए भी सुरक्षित सीट की तलाश
Ad