यशपाल की जगह दलित चेहरे की तलाश में भाजपा, देखे कौन बन सकता है कैबिनेट मंत्री

देहरादून: यशपाल आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल में खाली हुए पद पर किसी दूसरे दलित चेहरे को ही मौका दिया जा सकता है। जिसके लिए पार्टी के कुछ दलित विधायकों ने तो दावेदारी भी पेश कर दी है। सूत्रों के अनुसार पूर्व कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक चंदनराम दास और सुरेश राठौर की दावेदारी सबसे प्रबल बताई जा रही है।
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बता दें कि पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। जिसके बाद धामी मंत्रिमंडल में एक सीट खाली हो गई है। फिलहाल यशपाल आर्य के सभी मुख्यमंत्री धामी ने अपने पास रख लिए हैं।
हालांकि विधानसभा चुनाव में काफी कम समय होने के कारण सरकार यह खाली सीट भरेगी या नहीं इसे लेकर अभी संसय बना हुआ है। लेकिन चर्चा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आरक्षित कोटे से मंत्री बनाने के पक्ष में है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में दलित वर्ग को इसे भुनाया जा सके। खाली मंत्री पद के लिए फिलहाल सबसे प्रबल दावेदारों में राजपुर रोड विधायक खजान दास, ज्वालापुर के सुरेश राठौर व बागेश्वर के चंदनराम दास के नाम की चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को कुछ दलित विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की। इधर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ के समर्थक यह मानकर चल रहे हैं कि यशपाल को कांग्रेस छोड़ने के एवज में मंत्री पद दिया गया था। ऐसे में इस रिक्त पद पर काऊ की दावेदारी बनती है।
पिछले चुनाव में भाजपा की तरफ रहा दलित वर्ग का रुझान
गत विधानसभा चुनाओं में दलित कोटे के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों में से 10 पर भाजपा के प्रत्याशी जीते थे। जबकि इससे पूर्व उत्तराखंड में कांग्रेस को दलित वर्ग का बड़ा समर्थन मिलता रहा। पर 2017 के विधानसभा चुनाव में इस वर्ग का रुझान भाजपा के प्रति तेजी से बढ़ा है। जबकि कांग्रेस को सिर्फ पुरोला से राजकुमार और भगवानपुर से ममता राकेश के रूप में दो सीटें मिलीं। राजकुमार अब भाजपा में आ चुके हैं।

