
हल्द्वानी: जैसलमेर से छुट्टी पर अपने घर लौट रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक हेड कांस्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रानीखेत एक्सप्रेस रेलगाड़ी से काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंचे जवान के जनरल डिब्बे में बेहोश मिलने से हड़कंप मच गया। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने आनन-फानन में उन्हें हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। आशंका जताई जा रही है कि सफर के दौरान जवान जहरखुरानी गिरोह का शिकार हो गए होंगे।
गलती से काठगोदाम पहुंच गए थे जवान
मृतक जवान की पहचान राज विहार कॉलोनी, मिलापनगर, सिविल लाइंस (रुड़की, जिला हरिद्वार) निवासी 53 वर्षीय सत्यपाल सिंह पुत्र नेतराम के रूप में हुई है, जो जैसलमेर में तैनात थे। वह बीती 27 जून को रानीखेत एक्सप्रेस में सवार होकर अपने घर के लिए चले थे। योजना के अनुसार उन्हें दिल्ली स्टेशन पर उतरकर हरिद्वार-रुड़की के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। माना जा रहा है कि सफर के दौरान अचेत हो जाने के कारण वह दिल्ली में नहीं उतर पाए और ट्रेन के आखिरी स्टेशन काठगोदाम पहुंच गए।
आधार कार्ड से हुई शिनाख्त
बीती 29 जून की सुबह जब रानीखेत एक्सप्रेस काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंची, तो जनरल डिब्बे की चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति सीट पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला। जीआरपी ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल भिजवाया। इस दौरान जवान के बैग और जेब की तलाशी लेने पर उसमें रखे पहचान पत्र ([Aadhaar Redacted]) से उनकी शिनाख्त हो सकी। इसके बाद उनके परिजनों और विभाग को घटना की सूचना दी गई।
जांच में जुटी पुलिस: अस्पताल में तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर जवान की जान नहीं बचा सके। इस दुखद हादसे के संबंध में फिलहाल पुलिस को आधिकारिक तौर पर कोई लिखित तहरीर नहीं सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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