लालकुआं/बिंदुखत्ता: देश की यशस्वी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजे जाने पर लालकुआं विधानसभा क्षेत्र और बिंदुखत्ता में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर क्षेत्र के वरिष्ठ और रसूखदार भाजपा नेता मनोज सिंह बसनायत ने अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रत्येक उत्तराखंडी के लिए परम गौरव और हर्ष का विषय बताया है। वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज सिंह बसनायत ने कहा कि आदरणीय कोश्यारी जी को मिला यह सर्वोच्च सम्मान उनके दशकों लंबे निस्वार्थ सार्वजनिक जीवन, बेदाग छवि और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके अटूट समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण है।
वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज सिंह बसनायत ने ‘ ताऊजी’ (भगत सिंह कोश्यारी) के संघर्षमयी जीवन को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के एक बेहद सुदूरवर्ती और दुर्गम गांव से निकलकर, राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ना कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति, शिक्षा, समाज सेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में कोश्यारी जी का योगदान अद्वितीय रहा है। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में रहकर निभाई गई उनकी सक्रिय भूमिका से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री, देश के सांसद और देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इतने ऊंचे पदों पर रहने के बाद भी उनकी धरातलीय सादगी, खांटी पहाड़ी मिजाज और कर्मनिष्ठा आज भी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए एक महान प्रेरणास्रोत बनी हुई है।
मनोज सिंह बसनायत ने इस गौरवमयी पल को पूरे क्षेत्र के लिए एक उत्सव जैसा बताते हुए कहा कि आज का यह पावन दिन हम सभी इष्ट मित्रों, भाजपा कार्यकर्ताओं और समस्त देवभूमि वासियों के लिए गर्व से सीना चौड़ा करने वाला है। कोश्यारी जी ने अपनी सादगी, कड़े संघर्ष और लोकसेवा की बदौलत समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के दिलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके ‘पद्म भूषण’ से अलंकृत होने पर पूरी लालकुआं विधानसभा और बिंदुखत्ता के प्रबुद्ध नागरिकों व कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।
- सम्मान प्रकट करना: मनोज सिंह बसनायत ने हल्द्वानी आगमन पर पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आवास जाकर उनसे मुलाकात की।
- परंपरा का निर्वाह: भारतीय संस्कृति के अनुसार उन्होंने शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट कर वरिष्ठ नेता के प्रति अपना आदर व्यक्त किया।
- मार्गदर्शन और आशीर्वाद: इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ राजनेता से जीवन और जनसेवा के कार्यों के लिए मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।


