सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विभाजित राज्य उत्तर प्रदेश के तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री पूरन चन्द्र शर्मा के निधन पर किया शोक व्यक्त

खबर शेयर करें -

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विभाजित राज्य उत्तर प्रदेश के तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री पूरन चन्द्र शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सीएम ने रविवार को उनके परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया।

धामी ने पूरन चन्द्र शर्मा के निवास आनंद लोक कॉलोनी, देवलचौड़ पहुंचे। जहां उन्होंने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान देने के साथ ही शोक संतप्त परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए भी प्रार्थना की। सीएम ने स्व. की पुत्री अनुलेखा एवं पारिवारिक सदस्यों का ढांढस बधाया।

पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री के घर सीएम के अलावा रविवार को केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भटट, विधायक रामसिंह कैडा, प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भटट, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मनोज पाठक, अजय कुमार, प्रदीप जनौटी, रंजन बर्गली, नवीन भटट, मोहन पाठक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरम्वाल, विनीत अग्रवाल के साथ ही डीआईजी डा0 योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी पी.एन. मीणा समेत कई अन्य परिवार से मिलने पहुंचे। इस मौके पर सीएम ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर उनका दर्द बांटा। सीएम ने कहा कि स्वं शर्मा एक कर्मठ नेता थे। वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया।

यह भी पढ़ें 👉  किच्छा में हाईवोल्टेज ड्रामा: प्रियंका वाड्रा की जेठानी के फार्म हाउस विवाद में कूदे विधायक तिलक राज बेहड़, पुलिस से झड़प के बाद गेट पर धरने पर बैठे, आत्मदाह की चेतावनी

कुमाउं संभाग में हुआ निधन

पूर्व मंत्री पूरन चन्द्र शर्मा की पत्नी का पूर्व में ही निधन हो चुका है। उनकी एक बेटी और चार भाई हैं। सबसे छोटे भाई कैलाश शर्मा भी अल्मोड़ा से विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।

यह भी पढ़ें 👉  टनकपुर से 5 जुलाई को शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा; सीएम पुष्कर सिंह धामी हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

करियर

पूर्व मंत्री पूरन चन्द्र शर्मा वर्ष 1991 में अल्मोड़ा की तत्कालीन बारामंडल विधानसभा सीट से विधायक बने थे। सीएम कल्याण सिंह की सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री बनाए गए थे। वर्ष 2001 में राज्य बनने के बाद भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी के समय उन्हें मंडी परिषद का अध्यक्ष बनाया गया था। 2007 में भुवन चंद्र खंडूड़ी की सरकार में उन्हें उत्तराखंड मंडी परिषद का अध्यक्ष बनाया गया। मंडी परिषद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मंडी के विकास के लिए कार्य किया। राम मंदिर आंदोलन एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भी उन्होंने योगदान दिया। राम मंदिर आंदोलन के दौरान वह जेल भी गए। वर्तमान में हल्द्वानी में वे रामपुर रोड स्थित आवास में रह रहे थे।

यह भी पढ़ें 👉  भाजपा बिन्दुखत्ता मण्डल के 16 बूथ अध्यक्षों की घोषणा; जिला और मण्डल नेतृत्व की सहमति से सूची जारी
Ad