उत्तराखंड में भारी बारिश का तांडव: 22 जुलाई तक ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी, शासन ने सभी DM को दिए 24×7 मुस्तैद रहने के निर्देश

देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में आगामी दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारों की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) को पत्र जारी कर सुरक्षात्मक एवं निवारक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम की गंभीरता को देखते हुए शनिवार से 22 जुलाई तक जनपद स्तर पर सतर्कता बढ़ाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखने तथा सभी राहत एवं बचाव दलों को 24 घंटे और सातों दिन (24×7) अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 19 जुलाई (रविवार) को नैनीताल, चंपावत एवं ऊधम सिंह नगर में अत्यंत भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार एवं बागेश्वर में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और शेष जिलों में ‘येलो अलर्ट’ रहेगा। वहीं, 20 जुलाई (सोमवार) को मौसम और उग्र रूप ले सकता है, जिसके तहत देहरादून, हरिद्वार एवं टिहरी जनपद के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके बाद 21 जुलाई (मंगलवार) को देहरादून व बागेश्वर में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा 22 जुलाई (बुधवार) को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी रहेगा। इस पूरी अवधि के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा का दौर बना रहेगा।
आपातकालीन सहायता नंबर: किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें और त्वरित सहायता के लिए 112, 1070 एवं 1077 पर संपर्क करें।
आपदा प्रबंधन सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिला आपदा परिचालन केंद्रों को हाई अलर्ट पर सक्रिय कर दिया गया है। भूस्खलन संभावित मार्गों पर बंद रास्तों को तुरंत खोलने के लिए जेसीबी (JCB) मशीनें और आवश्यक संसाधन पहले से ही चिन्हित स्थानों पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यातायात सुचारु रहे। इसके साथ ही, सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है कि वे मौसम की चेतावनियों को अत्यंत गंभीरता से लें और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें। उन्होंने कहा कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़कों की सही स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

