कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर चट्टान खिसकने से रास्ता बंद: धारचूला में फंसा चौथा दल, ठाड़ीगाड़ पुल क्षतिग्रस्त होने से दारमा और व्यास घाटी का संपर्क टूटा
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग और चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कें बंद होने से उच्च हिमालयी क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। गर्बाधार के समीप शनिवार सुबह एक विशाल चट्टान दरक कर सड़क पर आ जाने के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग ठप हो गया। इस वजह से यात्रा पर निकला चौथा कैलास मानसरोवर यात्रा दल धारचूला में ही फंस गया है। इसके अलावा, तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग पर स्थित ठाड़ीगाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने से बड़े वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिससे व्यास और दारमा घाटी का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार, गर्बाधार से करीब दो किलोमीटर आगे शनिवार सुबह अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इस संवेदनशील स्थान पर पहाड़ी की तरफ से लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे गुंजी और अन्य सीमांत गांवों से धारचूला की ओर आ रहे कई वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए हैं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को ही यात्रा के चौथे दल को धारचूला से गुंजी के लिए रवाना होना था, लेकिन सुबह मार्ग बंद होने की सूचना के बाद उनकी रवानगी रोक दी गई। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, दिनभर रास्ता खुलने का इंतजार किया गया, लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिल सकी। अब स्थिति सामान्य होने पर इस दल को रविवार को गुंजी के लिए रवाना किया जाएगा।
मार्ग को सुचारु करने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की 65 आरसीसी के ओसी मानिक महाजन खुद अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात हैं। बूंदी और पांगला दोनों छोर से दो बड़ी मशीनें काम पर लगा दी गई हैं, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण कार्य में बाधा आ रही है। दूसरी ओर, ठाड़ीगाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने से सुरक्षा के मद्देनजर बड़े वाहनों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। इन दोनों प्रमुख मार्गों के बंद होने से उच्च हिमालयी व्यास घाटी के 7 और दारमा घाटी के 13 सीमांत गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और सेना की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
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