देवभूमि उद्यमिता योजना: तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप के दूसरे दिन युवाओं ने सीखे पैकेजिंग और मार्केटिंग के गुर, हुआ औद्योगिक भ्रमण

हवालबाग (अल्मोड़ा), 9 जून 2026:
उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ के अंतर्गत एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII India) द्वारा अल्मोड़ा जनपद के हवालबाग में आयोजित तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का दूसरा दिन बेहद ज्ञानवर्धक रहा। इस बूट कैंप का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा एवं बागेश्वर जनपदों के सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों के स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करना है।
विशेषज्ञों ने सिखाए सरकारी योजनाओं, लागत और पैकेजिंग के गुर
कार्यक्रम के दूसरे दिन का शुभारम्भ EDII अहमदाबाद के डॉ. अश्वनी तिवारी, बागेश्वर डिग्री कॉलेज की नोडल डॉ. सुनीता आर्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला के डॉ. जितेन्द्र प्रसाद और कपकोट महाविद्यालय के नोडल अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
सत्र के दौरान EDII से आए चमोली एवं रुद्रप्रयाग के परियोजना अधिकारी विनोद नेगी ने छात्र-छात्राओं को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न स्वरोजगारोन्मुख योजनाओं तथा उद्यम प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कानूनी पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, नैनीताल के परियोजना अधिकारी भूपेंद्र मेहरा ने युवाओं को वित्त प्रबंधन (फाइनेंस) एवं उत्पाद की लागत निर्धारण के गुर सिखाए, जबकि अल्मोड़ा एवं बागेश्वर के परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह रौतेला ने उत्पादों की आकर्षक डिजाइनिंग एवं पैकेजिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।
मार्केटिंग स्ट्रेटेजी सीखी और ऐपण व खाद्य प्रसंस्करण इकाई का किया भ्रमण
बूट कैंप के दूसरे दिन EDII अहमदाबाद के विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी तिवारी ने प्रशिक्षु छात्र उद्यमियों को बाजार में उत्पाद उतारने और सफल मार्केटिंग स्ट्रेटेजी (विपणन रणनीति) के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया। केवल सैद्धांतिक ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान देने के उद्देश्य से सभी छात्र-छात्राओं को हवालबाग स्थित पारंपरिक ऐपण इकाई, बेकरी तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाई का औद्योगिक भ्रमण (इंडस्ट्रियल विजिट) भी कराया गया, जहाँ छात्रों ने बारीकी से काम होते देखा।
उत्कृष्ट छात्रों को मिलेगा छह दिवसीय ‘उद्यमिता विकास कार्यक्रम’ का मौका
कार्यक्रम के आयोजकों ने जानकारी दी कि राज्यभर में आयोजित किए जा रहे इन तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और सफल प्रतिभागियों का चयन आगामी छह दिवसीय ‘उद्यमिता विकास कार्यक्रम’ (EDP) के लिए किया जाएगा। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉलेज की शिक्षा पूर्ण होने के बाद नौकरी ढूंढने के बजाय स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित करना है।
उत्तराखण्ड के युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने और राज्य में नवाचार (इन्नोवेशन) आधारित स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में इस बूट कैंप को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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