
पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक दिव्यांग (मूक-बधिर) नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। मिर्गी के दौरों से पीड़ित और बोलने में असमर्थ पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर परिजन बीते गुरुवार (24 सितंबर) को उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों द्वारा की गई चिकित्सकीय जांच में नाबालिग के गर्भवती होने का खुलासा हुआ, जिससे परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई।
जीरो एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी; उपनिरीक्षक बबीता टम्टा को सौंपी गई विवेचना
पिथौरागढ़ के कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील होने के कारण पीड़िता को त्वरित पुलिस प्रोटेक्शन (सुरक्षा) प्रदान कर दिया गया है। परिजनों के सदमे में होने के कारण फिलहाल उनकी तरफ से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन पुलिस नियमानुसार मामले में खुद जीरो एफआईआर दर्ज कर रही है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी के रूप में उपनिरीक्षक बबीता टम्टा को नियुक्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की चिकित्सकीय जांच, परिजनों से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषी की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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