पंतनगर किसान मेले में गाड़ियां हटाने को लेकर बवाल: 3 युवतियों से अभद्रता व हाथापाई का आरोप, कार सवार 4 अज्ञात युवकों पर एफआईआर

पंतनगर (ऊधमसिंह नगर)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्रसिद्ध राज्यस्तरीय किसान मेले में कार हटाने की छोटी सी बात को लेकर हुआ मामूली विवाद देर रात भारी हंगामे में बदल गया। मेले में स्टॉल लगाने आई तीन युवतियों के साथ कार सवार युवकों द्वारा कथित रूप से अभद्रता, छेड़छाड़ और हाथापाई करने का मामला सामने आया है। पीड़िता युवतियों की शिकायत के आधार पर पंतनगर थाना पुलिस ने बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 74 के तहत कार सवार चार अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद देर रात तक थाने में जमकर पुलिसिया कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा होता रहा।
स्टॉल पर सामान लोड करने के दौरान बढ़ा विवाद; हॉर्न बजाने को लेकर हुई हाथापाई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर के आवास विकास निवासी तीन युवतियों ने किसान मेले में अपना कमर्शियल स्टॉल लगाया हुआ था। रविवार शाम करीब 8:00 बजे युवतियां अपनी कार से स्टॉल पर सामान लोड करने पहुंची थीं। मेले में भारी भीड़ होने के कारण उन्होंने अपनी गाड़ी रास्ते में खड़ी कर सामान चढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान पीछे से आई कार (संख्या UK 06 AQ 6652) में सवार चार युवकों ने हॉर्न बजाकर कार तुरंत हटाने को कहा। युवतियों ने सामान लोड होने के बाद गाड़ी हटाने की बात कही, जिस पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि बात इतनी बिगड़ गई कि कार सवार युवकों ने युवतियों के साथ बदसलूकी, हाथापाई और छेड़छाड़ कर डाली। युवतियों का आरोप यह भी है कि युवक शराब के नशे में धुत थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल; सीओ बोले—’जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई’
घटना के दौरान मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी डॉ. पीवी सिंह व उनकी टीम के सामने भी युवतियों ने आक्रोश जताया। इसके बाद देर रात युवतियां पंतनगर थाने पहुंचीं, जहां आधी रात तक पुलिस से तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा चलता रहा। मामले में थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कार चालक व उसमें सवार 4 अज्ञात युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक दिनेश रावत को सौंपी गई है। वहीं, क्षेत्राधिकारी (सीओ) विभव सैनी ने बताया कि सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सीसीटीवी फुटेज व वाहन नंबर के जरिए आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है। इस घटना ने मेले में बैरिकेडिंग के बावजूद निजी वाहनों के प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

