राजू अनेजा, लाल कुआं। चोरगलियां प्रकरण में ग्रामीण पर हुए मुकदमे के गवाह एन टाइम पर मुकरने पर विधायक समर्थकों को जबर्दस्त झटका लगता दिखाई दे रहा है जो कि सोशल मीडिया में जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताते चले कि उक्त प्रकरण को लेकर क्षेत्र के ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्यों, मातृशक्ति और भारी संख्या में ग्रामीणों ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से भेंट करने के साथ-साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी लालकुआं से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की, जिस पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा कि वह प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाएंगे तथा ग्रामीणों के साथ न्याय किया जाएगा।
ग्रामीण प्रतिनिधियों का कहना था कि भुवन चंद्र पंत कर्मचारी राज्य पशु चिकित्सालय चोरगलियां का स्थानांतरण रोकने के लिए अभिलंब ठोस कदम उठाया जाए, क्षेत्रवासियों, ग्राम प्रधानों, एवं भारी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत को प्रेषित किया, जिनसे मांग की गई कि चोरगलियां क्षेत्र के तीन लोगों को विधायक डॉ मोहन बिष्ट के घेराव, धरना प्रदर्शन मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी बनाए जाने पर चोरगलिया क्षेत्र के बनाए गए दो गवाहों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी के सामने स्पष्ट किया कि वह उक्त मुकदमे में गवाह नहीं है, उन्हें जबरन गवाह बनाया गया है, साथ ही मंडलायुक्त ने अभिलंब क्षेत्रीय जनता की मांग पर मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि 5 नवंबर तक अगर स्थानांतरण रोकने का आदेश नहीं आया तो 6 तारीख को चोरगलियां की जनता मुख्य राज्य मार्ग पर आमरण अनशन, एवं सड़कों पर उतरकर आमरण अनशन शुरू कर देंगे

