वर्षों की प्रतीक्षा के बाद करोड़ों रुपए की लागत से बना काशीपुर का फ़्लाइओवर शहर के लोगों को राहत देने में हुआ नाकाम- राजीव घई, अध्यक्ष केडीएफ

After years of waiting, Kashipur flyover, built at a cost of crores of rupees, failed to provide relief to the people of the city - Rajiv Ghai, President KDF.

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राजू अनेजा, काशीपुर। काशीपुर का फ़्लाइओवर अब वर्षों की प्रतीक्षा के बाद शहर के लोगों को राहत देने में नाकाम हो रहा है और नई समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। काशीपुर विकास फोरम (केडीएफ़) के अध्यक्ष राजीव घई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार से भेंट की। अरुण कुमार ने स्पष्ट किया कि फ़्लाइओवर अभी तक पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित नहीं किया गया है।

इस चर्चा के दौरान केडीएफ़ द्वारा एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार से संपर्क किया गया, जिन्होंने बताया कि फ़्लाइओवर का निर्माण ठेकेदार दीपक बिल्डर के ज़िम्मे है, जिनकी लगभग तीन करोड़ की राशि अभी भी राष्ट्रीय राजमार्ग में लंबित है और अगले पाँच वर्षों तक फ़्लाइओवर का रखरखाव भी उनके अनुबंध में शामिल है। हालाँकि, बार-बार निवेदन के बावजूद दीपक बिल्डर फ़्लाइओवर के रखरखाव में कोई सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं।

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केडीएफ़ ने फ़्लाइओवर की विभिन्न समस्याओं, जैसे प्लेटों के टूटने से हो रहे ध्वनि प्रदूषण, साइड रोड के टूटने, और नालियों के अवरुद्ध होने के कारण यातायात में बाधाओं का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही, उन्होंने दीपक बिल्डर की निष्क्रियता को देखते हुए दूसरे ठेकेदार द्वारा इन समस्याओं का समाधान कराने की मांग की और सुझाव दिया कि इन सुधार कार्यों का खर्च दीपक बिल्डर के खाते से काटा जाए। इस पर एनएच के अधिशासी अभियंता ने अगले दस दिनों में दूसरे ठेकेदार से काम कराने का आश्वासन दिया।

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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने काशीपुर स्टेडियम में पुरानी और क्षतिग्रस्त हो रही बिल्डिंग को ध्वस्त करने के लिए दो-तीन दिनों में एस्टिमेट देने का आश्वासन दिया, ताकि स्टेडियम के विकास कार्य पुनः शुरू हो सकें।

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इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री के आदेशानुसार, काशीपुर की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को अगले दस दिनों में ठीक करने का वादा भी किया गया है, जिससे शहर में यातायात और बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

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