विधायक दुम्का बोले- अपनी जन्मभूमि पर आजमाएं किस्मत, नहीं तो सिद्धू की तरह हो जाएंगे ‘हिट विकेट’

खबर शेयर करें -

हल्द्वानीः उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक है. ऐसे में संभावित प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाने के लिए अभी से अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है. लालकुआं के बीजेपी विधायक नवीन दुम्का ने विधानसभा क्षेत्र में अपनी दावेदारी कर रहे अपने ही पार्टी के अन्य नेताओं को बाहरी करार देते हुए कहा है कि यह नेता खुद ही हिट विकेट हो जाएंगे. जैसे सिद्धू हो चुके हैं.

विधायक नवीन दुम्का ने अपने बयान में कहा कि वो बीते साढे़ 4 साल से जनता के बीच जी जान से विकास कार्य करने में जुटे हैं. विधायक ने दावा किया कि उनकी विधानसभा सीट सड़क, बिजली और पानी की समस्या से मुक्त हो चुकी है. इस बार वो फिर से अपनी बदौलत चुनाव में उतरेंगे. फिर से बीजेपी की सरकार बनाने के लिए भरसक प्रयास करेंगे.

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मानसून की आफत: कुमाऊं में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, देहरादून समेत 9 जिलों में भारी बारिश का 'यलो अलर्ट'

उन्होंने बीजेपी के अन्य दावेदारों के बारे में बात करते हुए कहा कि जो बाहरी विधानसभा सीट के दावेदार यहां आने की सोच रहे हैं, उनकी भी अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि होगी. वहां उनका जनसंपर्क भी होगा तो उन्हें अपने ही क्षेत्र में भाग्य आजमाना चाहिए. ना कि दूसरे की विधानसभा सीट में. नहीं तो उन्हें भी नवजोत सिंह सिद्धू की तरह हिट विकेट होना पड़ेगा.

यह भी पढ़ें 👉  किच्छा में बेटी की सगाई की दावत के लिए गोकशी: गोवंश स्क्वाड ने दो तस्करों को 20 किग्रा गोमांस के साथ किया गिरफ्तार

बता दें कि लालकुआं विधानसभा सीट से बीजेपी के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हेमंत द्विवेदी भी दावेदारी पेश कर रहे हैं. लिहाजा, विधायक दुम्का ने कड़ा कटाक्ष करते हुए कहा है कि यह बाहरी हैं, इन्हें अपनी विधानसभा सीट में ही तैयारी करनी चाहिए.

गौर हो कि विधायक नवीन दुम्का आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे हैं. साथ ही पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं. बरहाल, दावेदारी के मामले में विधायक दुम्का खुलकर बोलने से बच रहे हैं. उनका बस यही कहना है कि हिट विकेट होने से बचें.

यह भी पढ़ें 👉  चैती मेले के ठेके में बड़ा खेल!करोड़ों रुपये डकार ठेकेदार हुआ फरार, आखिर किसकी शह पर खाली रह गया सरकारी खजाना?

 

 

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad