पाकिस्तान से तराई तक हथियारों का खेल! फर्जी लाइसेंस कांड ने उड़ाई सुरक्षा एजेंसियों की नींद

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“तराई में हथियारों की दस्तक ने बढ़ाई चिंता, अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी”

 

राजू अनेजा, काशीपुर।तराई में सामने आए फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अत्याधुनिक हथियारों के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब जांच का दायरा केवल फर्जी लाइसेंस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके तार पाकिस्तान सीमा से जुड़े तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि पुलिस, एसओजी और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच में जुट गई हैं।

 

तराई की शांति में घुला हथियारों का जहर

 

अब तक शांत माने जाने वाले तराई क्षेत्र में अवैध हथियारों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में फर्जी लाइसेंसों पर खरीदे गए हथियारों और प्रतिबंधित असलहों की बरामदगी के बाद एजेंसियों को आशंका है कि जिले में ऐसा नेटवर्क सक्रिय है, जो लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर काम कर रहा था।

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पंजाब बॉर्डर से जुड़े मिले संदिग्ध तार

 

जांच के दौरान सामने आया है कि पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के जिलों में ड्रोन के जरिए गिराए जाने वाले हथियार और नशीले पदार्थ तस्करों के नेटवर्क के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाए जाते हैं। अब ऊधमसिंहनगर में पकड़े गए मामलों के बाद एजेंसियां इस एंगल पर भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन हथियारों का स्रोत भी वही नेटवर्क तो नहीं।

 

काशीपुर, बाजपुर और सितारगंज पर एजेंसियों की नजर

 

सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज और नानकमत्ता क्षेत्रों में अवैध हथियारों की मौजूदगी से जुड़े कुछ इनपुट मिले हैं। हालांकि अधिकारी अभी खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

 

ड्रोन से गिराए जाते हैं हथियार और ड्रग्स

 

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अमृतसर से जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पंजाब में इस तरह के कई मामलों का खुलासा हो चुका है और बड़ी मात्रा में अवैध पिस्टल व ड्रग्स बरामद किए जा चुके हैं। तस्करों ने सीमा से लगे खेतों को अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

 

फर्जी लाइसेंस कांड ने खोले कई राज

 

फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने एजेंसियों को चौंका दिया है। आशंका जताई जा रही है कि यह केवल कुछ लोगों का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच अधिकारी अब लाइसेंस जारी होने से लेकर हथियारों की खरीद और सप्लाई तक की पूरी कड़ी खंगाल रहे हैं।

 

चार आरोपियों पर मुकदमा, तलाश जारी

 

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एसओजी प्रभारी सुनील सुतेड़ी की ओर से कुंडा थाने में चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके बाद से पुलिस और एसओजी की टीमें लगातार दबिश देकर अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती

 

तराई क्षेत्र में हथियारों और फर्जी लाइसेंस का यह नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यदि जांच में पाकिस्तान सीमा से जुड़े तस्करी नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल स्थानीय अपराध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।

 

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