सोमवती अमावस्या पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब: हर की पैड़ी पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़, पार्किंग-होटल पैक; 5 किमी पहले वाहन रोककर पैदल पहुंचे श्रद्धालु
हरिद्वार, 15 जून 2026: सोमवती अमावस्या, संक्रांति और पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन के महासंयोग पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व विधिक व धार्मिक सैलाब उमड़ पड़ा है। इस बार के यात्रा सीजन की यह पहली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ है, जिससे हर की पैड़ी सहित कुंभ क्षेत्र के तमाम गंगा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। चारों ओर गंगा मैया के जयकारों के उद्घोष गूंज रहे हैं। वीकेंड और मुख्य स्नान पर्व एक साथ होने के कारण धर्मनगरी की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह पैक हो चुकी हैं और सुरक्षा के मद्देनजर भारी विधिक पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुरुषोत्तम मास का समापन और संक्रांति का महासंयोग
धार्मिक और ज्योतिषीय विधिक मान्यताओं के अनुसार, आज का दिन अत्यंत पुण्यदायी और विशेष माना जा रहा है।
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महासंयोग का महत्व: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सोमवार के दिन अमावस्या (सोमवती अमावस्या) होने के साथ-साथ आज पुरुषोत्तम मास (मलमास) का अंतिम दिन है और आज ही संक्रांति भी है। इस पावन अवसर पर गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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ज्येष्ठ मास का पदार्पण: आज के इस मुख्य विधिक स्नान के साथ ही पुरुषोत्तम मास विधिक रूप से समाप्त हो जाएगा और शुद्ध ज्येष्ठ मास का पदार्पण होगा। इसी महासंयोग के चलते देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं।
हाईवे पर 5 किलोमीटर लंबा जाम; बैरागी कैंप पार्किंग में रोके गए वाहन
भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि प्रशासन द्वारा किए गए यातायात नियंत्रण के विधिक दावे धरातल पर नाकाफी नजर आए। पिछले दो दिनों से दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का भारी विधिक दबाव बना हुआ था, जो आज सुबह रेंगने की स्थिति में पहुंच गया।
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पैदल चलने को मजबूर भक्त: हाईवे पर करीब $5$ किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। इसके चलते हजारों श्रद्धालु हर की पैड़ी से पांच किलोमीटर पहले ही अपने वाहनों को खड़ा करके तपती धूप में पैदल ही मुख्य घाटों की ओर जाते दिखाई दिए।
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पार्किंग और होटल पैक: हर की पैड़ी के समीप स्थित पंतद्वीप, दीनदयाल और रोडीबेलवाला समेत सभी मुख्य विधिक पार्किंग स्थल सुबह ही वाहनों से पूरी तरह पैक हो गए। क्षेत्र के तमाम होटल, लॉज और धर्मशालाएं भी शत-प्रतिशत बुक रहीं, जिसके बाद प्रशासन ने कांवड़ मेले के दौरान उपयोग में लाई जाने वाली सुदूर बैरागी कैंप पार्किंग में वाहनों को पार्क कराना विधिक रूप से शुरू किया।
16 जोन और 46 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र; डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के विधिक मानकों को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को $16$ सुपर जोन और $46$ सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पर्याप्त संख्या में विधिक पुलिस बल, पीएसी और जल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
स्थानीय नागरिकों को जाम की विधिक समस्या से बचाने के लिए शहर के आंतरिक मार्गों पर बाहरी वाहनों के विधिक प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। स्थिति की विधिक संवेदनशीलता को देखते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी (DM) मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं हर की पैड़ी और प्रमुख नियंत्रण कक्षों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ अत्यधिक होने के कारण कई श्रद्धालुओं ने मुख्य घाटों के बजाय नजदीकी गंगा घाटों पर ही विधिक रूप से स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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