जसपुर में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा को लेकर विधायक और पूर्व विधायक समर्थकों में जबरदस्त भिड़ंत, पुलिस ने रुकवाया काम

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राजू अनेजा,जसपुर। क्षेत्र में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापना को लेकर बुधवार को जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया। ठाकुर मंदिर के सामने कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और भाजपा नेता व पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल के समर्थकों के बीच तीखी धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। हालात बिगड़ते देख मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली और फिलहाल प्रतिमा स्थापना का कार्य रुकवा दिया गया।
बताया जा रहा है कि विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचकर प्रतिमा लगाने के लिए टाइल्स हटवा रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल को इसकी जानकारी मिली तो वह भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

‘महिलाओं और समाज की मांग पर लग रही प्रतिमा’—आदेश चौहान

 

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विधायक आदेश चौहान ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने की मांग महिलाओं और ब्राह्मण समाज द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने बताया कि संबंधित स्थल पर पहले अतिक्रमण था, जिसे नगरपालिका ने छह माह पूर्व हटा दिया था। इसके बाद प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव रखा गया और जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया, जिसे एक माह पहले स्वीकृति भी मिल चुकी है।
चौहान ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर देश में महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है, वहीं कुछ लोग पार्किंग के नाम पर वीरांगना की प्रतिमा का विरोध कर रहे हैं।

‘जबरन काम कराने की कोशिश, लोगों में रोष’—शैलेन्द्र सिंघल

 

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वहीं पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट प्रशासनिक अनुमति के जबरन खुदाई कर प्लेटफॉर्म बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर प्रतिमा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है—कुछ लोग रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा चाहते हैं, तो कुछ महाराज अग्रसेन की।
सिंघल के मुताबिक, क्षेत्रीय लोगों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को आवेदन दिया हुआ है, जिस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक समर्थकों के साथ दबाव बनाकर काम कराना चाह रहे थे, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया।
प्रशासन की दखल के बाद काम रुका
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया। स्थिति को देखते हुए फिलहाल प्रतिमा स्थापना का कार्य रोक दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनकर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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