सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आरक्षित वर्ग के मेधावी उम्मीदवार मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी की सीटों के हकदार

खबर शेयर करें -

सरकारी नौकरियों में आरक्षण और मेरिट को लेकर चल रही लंबी बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने एक दूरगामी फैसला सुनाते हुए पूर्णविराम लगा दिया है। शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC और EWS) के उम्मीदवार भी सामान्य श्रेणी (General Category) की सीटों पर नौकरी पाने के हकदार हैं, बशर्ते वे मेरिट में जनरल कैटेगरी के ‘कटऑफ’ अंक हासिल करें।

🏛️ सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ‘डबल बेनिफिट’ की दलील

यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट की एक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा था, जहाँ यह नियम बनाया गया था कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सामान्य श्रेणी की सीटों पर नियुक्ति नहीं दी जाएगी, भले ही उनके अंक जनरल कटऑफ से अधिक क्यों न हों।

  • हाईकोर्ट का तर्क: हाईकोर्ट का तर्क था कि आरक्षित वर्ग को जनरल सीट देना ‘डबल बेनिफिट’ होगा—पहला आरक्षण का और दूसरा सामान्य सीट का।

  • सुप्रीम कोर्ट का फैसला: जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जी मसीह की पीठ ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मेरिट का सम्मान होना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून से बाहर चंपावत में पहली बार आयोजित होगी धामी कैबिनेट की बैठक, 4 अक्टूबर को एनएचपीसी बनबसा में मंथन

🔑 ‘ओपन’ का मतलब सबके लिए

सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के ऐतिहासिक इंदिरा साहनी फैसले का हवाला दिया और ‘ओपन’ कैटेगरी की परिभाषा को साफ किया।

जस्टिस दत्ता ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा:

“हम यह मानते हैं कि ‘ओपन’ (Open) शब्द का मतलब सिर्फ खुला होता है। यानी जो सीटें ओपन कैटेगरी के तहत भरी जानी हैं, वे किसी विशेष जाति या वर्ग की जागीर नहीं हैं। वे सभी के लिए हैं।”

कोर्ट ने साफ किया कि आरक्षण की उपलब्धता किसी मेधावी आरक्षित उम्मीदवार को अनारक्षित (Unreserved) सीट पर मेरिट के आधार पर चुने जाने से नहीं रोक सकती।

यह भी पढ़ें 👉  किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर देर रात फिर हंगामा: मतपेटियों को बदलने की आशंका जता कांग्रेस प्रत्याशी ने लगाए गंभीर आरोप

📝 नियम कैसे लागू होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति एकदम साफ कर दी है:

चरण नियम
लिखित परीक्षा यदि आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार लिखित परीक्षा में जनरल कटऑफ से अधिक अंक लाता है, तो इंटरव्यू के समय उसे ‘जनरल कैटेगरी’ का उम्मीदवार माना जाएगा।
फाइनल मेरिट अगर अंतिम परिणाम में उसके कुल अंक जनरल कैटेगरी के कटऑफ से कम रह जाते हैं, तब उसे वापस उसकी मूल आरक्षित श्रेणी (Reserved Category) में गिना जाएगा ताकि उसे आरक्षण का लाभ मिल सके।
यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं में विकास कार्यों की समीक्षा: विधायक डॉ. बिष्ट ने दिए कड़े निर्देश, नहर कवरिंग व गौला कटान के काम जनवरी तक पूरे करने का अल्टीमेटम

यह फैसला आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी जीत है और सामान्य श्रेणी की सीटों की परिभाषा को अधिक समावेशी बनाता है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad