पहाड़ में मूलभूत सुविधाओं का टोटा आखिर कब तक? 12 किमी पैदल शव को ले गए ग्रामीण

खबर शेयर करें -

चंपावत: उत्तराखंड में सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को आज भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका एक दुखद उदाहरण चंपावत के सीमांत तल्लादेश क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ ग्रामीणों को एक मृत व्यक्ति के शव को डंडे से बांधकर 12 किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ा। यह घटना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र में हुई है।

यह भी पढ़ें 👉  केमिस्ट व ड्रगिस्ट वेलफेयर सोसायटी चुनाव: एकल नामांकन से योगेश बिस्नोई अध्यक्ष, मनीष चावला उपाध्यक्ष और राकेश बाली का महामंत्री बनना तय

 

क्या है पूरा मामला?

 

चंपावत अस्पताल में 65 वर्षीय संतोष का निधन हो गया था। उनके शव को वाहन से मंच तक तो ले जाया गया, लेकिन गाँव तक कोई सड़क न होने के कारण आगे का 12 किलोमीटर का सफर पगडंडियों के सहारे ही तय करना पड़ा। भारी बारिश के बीच, ग्रामीणों ने शव को एक डंडे से प्लास्टिक की पन्नी में लपेटकर उठाया और कठिन रास्ते से होते हुए उसे गाँव तक पहुँचाया।

यह भी पढ़ें 👉  अमरोहा में उत्तराखंड के व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: किराए के मकान की छत पर मिला शव, पैर फिसलने से गिरने की आशंका

 

सरकार के विकास के दावों पर सवालिया निशान

 

यह घटना राज्य के गठन के 25 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। यह वीडियो, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, सरकार के विकास के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह प्रदेश के मुखिया की अपनी विधानसभा का मामला है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति को जीते जी सड़क नसीब नहीं हुई, उसे मरने के बाद भी डंडे से लटक कर अपने घर पहुँचना पड़ा, जो बेहद शर्मनाक है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 5 दिनों तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए मुस्तैद रहने के निर्देश, केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवागमन बहाल
Ad