सितारगंज: सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अग्निवीर रमनजीत सिंह; नम आंखों से हजारों ने दी अंतिम विदाई
खटीमा/सितारगंज: उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज तहसील अंतर्गत शक्तिफार्म क्षेत्र के पिपलिया गांव में आज माहौल बेहद गमगीन रहा। पुणे में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान असमय दम तोड़ने वाले 18 वर्षीय अग्निवीर जवान रमनजीत सिंह का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुँचा, तो हर आंख नम हो गई। हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों के साथ अपने लाडले सपूत को अंतिम विदाई दी।
ट्रेनिंग पूरी होने से महज एक सप्ताह पहले बिगड़ी तबीयत
जोगेंद्र सिंह के पुत्र रमनजीत सिंह का चयन पिछले वर्ष ही अग्निवीर योजना के तहत हुआ था। वह महाराष्ट्र के पुणे में अपना सैन्य प्रशिक्षण ले रहे थे। परिजनों के अनुसार, रमनजीत की ट्रेनिंग पूरी होने में केवल एक सप्ताह का समय शेष था, लेकिन अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 13 मई को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। रमनजीत बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा का जुनून रखते थे।
राजपूत रेजीमेंट ने दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’
जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुँचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बनबसा से पहुँची राजपूत रेजीमेंट की टुकड़ी ने रमनजीत को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी। सेना के अधिकारियों ने रमनजीत की माता को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। मृतक के पिता जोगेंद्र सिंह सिडकुल की एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं, जबकि बड़ा भाई खेती-बाड़ी करता है।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने व्यक्त की संवेदना
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा ने रमनजीत सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में देश सेवा का जज्बा रखने वाले रमनजीत पर पूरे प्रदेश को गर्व है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

